अंबेडकरनगर। पंचायत राज विभाग को अब दूसरे विभाग के इंजीनियरों पर निर्भर रहने की मजबूरी नहीं होगी। जिले की 902 ग्राम पंचायतों के लिए शासन की तरफ से 25 इंजीनियरों की जल्द तैनाती कर दी जाएगी। इससे प्रधानों व सचिवों को गांवों में विकास कार्य कराने में काफी मदद मिलेगी।
पंचायत राज विभाग गांवों में विकास के कई कार्य अब तक अलग-अलग विभागों के इंजीनियरों के भरोसे कराता था। इनमें आरईएस, लघु सिंचाई, जिला पंचायत व पीडब्लूडी के इंजीनियर शामिल थे। इन इंजीनियरों के पास अपने विभाग के काम ही इतने अधिक होते हैं कि वे ग्राम पंचायतों के कामों में भरपूर सहयोग नहीं कर पाते। इस कारण ग्राम पंचायतों में धनराशि रहने के बावजूद उनके विकास कार्यों का इस्टीमेट आदि ही तैयार करने में काफी समय लग जाता है।
विकास कार्य कराने के बाद मेजरमेंट बुक तैयार होने में भी विलंब होता आया है। इससे भुगतान में काफी देरी होती है। इससे ग्राम प्रधानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार महीनों तक का समय बीत जाता है लेकिन इंजीनियर अपनी रिपोर्ट नहीं तैयार पाते और भुगतान में विलंब हो जाता है। ऐसे में न सिर्फ विकास कार्य प्रभावित होते हैं बल्कि अन्य कई तरह की मुश्किलें भी खड़ी हो जाती हैं।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए ही शासन ने जिले में 25 इंजीनियरों को तैनात करने का निर्णय लिया है। अब ये इंजीनियर सभी 902 ग्राम पंचायतों में न सिर्फ विकास योजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करेंगे बल्कि हो रहे कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी रखते हुए समय से भुगतान के लिए मेजरमेंट बुक भी तैयार करेंगे। इससे विकास कार्यों में काफी तेजी आने की उम्मीद है।
मरथुआ सरैया के ग्राम प्रधान अजय पटेल, अंधियरवा के वेद वर्मा, कटरिया सम्मनपुर के संजय राजभर व मीरपुर शेखपुर की प्रधान प्रतिभा सिंह, संग्रामपुर की गरिमा, समैसा खानपुर के दिनेश राजभर, अटंगी के रमेश कुमार ने शासन के इस निर्णय का स्वागत किया है।
कहा कि अब तक उधारी के इंजीनियरों से काम कराने में काफी मुश्किल होती थी। अब पंचायत विभाग के पास अपने इंजीनियर होंगे तो कार्यों में काफी तेजी आएगी। शासन का यह निर्णय दूरदर्शी परिणाम वाला होगा। इससे ग्रामीणों को तमाम योजनाओं का लाभ तत्परता के साथ दिलाया जा सकेगा।
जिले में अधिकाधिक मॉडल ग्राम पंचायत तैयार करने के लिए ही शासन ने यह बड़ा निर्णय लिया है। ये इंजीनियर मॉडल पंचायत बनाने की तर्ज पर काम करेंगे। सभी पंचायतों में सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता, शौचालय, स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र आदि के कार्यों को कराने में प्राथमिकता देंगे। शासन की मंशा है कि विभागीय इंजीनियर जब पंचायतों के काम कराएंगे तो निश्चित तौर पर काम में तेजी आएगी और गुणवत्तापरक काम होगा। इंजीनियर प्रतिदिन कार्यों की निगरानी भी कर सकेंगे।
शासन से जिले में तैनात होने वाले 25 इंजीनियरों की सूची प्राप्त हो गई है। ब्लॉकवार तैनाती के लिए सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही इंजीनियरों को ग्राम पंचायतों का काम देखने के लिए तैनात कर दिया जाएगा।
-अवनीश श्रीवास्तव, डीपीआरओ