धरने की अध्यक्षता कर रहे संरक्षक संतबहादुर सिंह ने कहा कि शासन प्रशासन कर्मचारी हित की तो बात करता है, लेकिन उसे पूरा करने के लिए कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाता। इसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है।
कहा कि लंबे समय से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को वर्दी दिए जाने व रोलर रिपेयरिंग किए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इस तरफ अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
जिलाध्यक्ष अनवर हुसैन ने कहा कि रोलर रिपेयरिंग के लिए दो वर्ष पूर्व एक मिस्त्री शासनस्तर से उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अब तक उसका मानदेय भुगतान नहीं हो सका है। इससे उसके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इतना ही नहीं 40 लाख रुपये तक के कार्य के लिए विभागीय रोलर का ही प्रयोग किए जाने का प्राविधान है, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा प्राइवेट रोलर से काम लिया जाता है। यह सही नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। न्याय व हक पाने के लिए निर्णायक संघर्ष छेड़ा जाएगा। तय किया गया कि जब तक उनकी मागों का निस्तारण नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।