फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मरीजों को नहीं मिल रहीं स्वास्थ्य सुविधाएं

Wed, 20 Jan 2016 10:54 PM IST
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
जो कर्मचारी यहां समय से पहुंचते भी हैं, वे उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कर दुकानों पर चाय की चुस्कियां लेने पहुंच जाते हैं। मनमानी का आलम यह है कि अस्पताल में अपराह्न दो बजते-बजते सन्नाटा छा जाता है।
विज्ञापन


जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कटेहरी सीएचसी ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए उम्मीद का एक बड़ा केंद्र है। मगर पिछले कुछ समय से यहां तैनात चिकित्सकों व कर्मचारियों की मनमानी से अस्पताल महज रिफर सेंटर की भूमिका अदा करने तक सीमित है।

ठंड के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल खुलने के समय में परिवर्तन किया है। बदले समय सारिणी के अनुसार अस्पताल के खुलने का समय सुबह 10 बजे व बंद होने का समय सायं चार बजे है। इसके बाद भी यहां चिकित्सकों की आमद 11 बजे के बाद से ही शरू होती है।
विज्ञापन


यही हाल कर्मचारियों का भी है। यदि कोई कर्मचारी 10 बजे तक पहुंचा भी तो वह उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कर दुकान पर चाय की चुस्कियां लेने निकल लेता है। अस्पताल में भले ही सायं चार बजे ताला लगता हो, लेकिन अधिकांश चिकित्सक व कर्मचारी अपराह्न दो बजेे नदारद हो जाते हैं।

बुुधवार को अमर उजाला ने दिन में करीब सवा 11 बजे अस्पताल का जायजा लिया तो चिकित्सकों व कर्मचारियों की मनमानी जगजाहिर हो गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. पवन कुमार के कक्ष में ताला बंद था। बीपीएम संदल पटेल भी गायब थे। यहां पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी का पद करीब तीन माह से रिक्त चल रहा है।

यहां तैनात एमपीडब्लू कर्मचारी का भी कोई पता नहीं था। इलाज के लिए पहुंचे मदनगढ़ के गोपाल व कटेहरी के मंगल वर्मा ने बताया कि वह करीब पौने 10 से यहां मौजूद हैं। एक कर्मचारी आया और अस्पताल का ताला खोलकर चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें