आलापुर। सनातन वैदिक आश्रम देवभूमि नयागांव रामनगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को प्रवाचक श्री श्री 1008 श्रीनिवास दास वेदांती महाराज ने भगवान की भक्ति, संत महिमा और भागवत श्रवण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि देवर्षि नारद की प्रेरणा से महर्षि वेदव्यास ने श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना की, जो कलियुग में मोक्ष प्रदान करने वाला सर्वोत्तम ग्रंथ है। कथा के दौरान माता कुंती की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा, भीष्म पितामह के अंतिम समय में भगवान के ध्यान तथा राजा परीक्षित के जीवन से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया गया। श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा श्रवण करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है। कथा के दौरान श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन और भगवान के जयघोष में भावविभोर दिखाई दिए। कथा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में झूमते रहे तथा भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।