फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इमरजेंसी में हो रहा कोरोना संक्रमितों का इलाज

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। गंभीर मरीजों का इमरजेंसी में समुचित इलाज के साथ-साथ भर्ती होना टेढ़ी खीर हो रहा है। कारण यह कि इमरजेंसी में ही कोरोना संक्रमितों का प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व मातृ शिशु विंग टांडा रेफर किया जाता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती करने की बजाय उनका प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी जा रही है। मरीजों व तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, तो अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में सस्ते व बेहतर इलाज की उम्मीदें लेकर पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को तगड़ा झटका लग रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते जिला अस्पताल में ओपीडी बंद कर दी गई है। ऐसे में सिर्फ इमरजेंसी में ही गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कुछ दिनों से इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को भर्ती न कर प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें छोड़ दिया जा रहा है।
मरीजों व उनके तीमारदारों का आरोप है कि इमरजेंसी के सभी तीन वार्ड में मौजूदा समय में कोरोना संक्रमित मरीजों का प्रारंभिक इलाज कर उन्हें कोविड अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में अन्य गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन

कहा कि यदि इमरजेंसी में कोरोना संक्रमितों का इलाज करना है, तो फिर अन्य गंभीर मरीजों के इलाज व उन्हें भर्ती करने की अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए थी। रविवार को हादसे में घायल एक मरीज के तीमारदार राकेश कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमितों का प्रारंभिक इलाज इमरजेंसी वार्ड में न कर, अलग वार्ड में किया जाना चाहिए था। कहा कि उनके मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि मरीज की हालत गंभीर है।
सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि कोरोना संक्रमित के अलावा अन्य गंभीर मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है। कहा कि इमरजेंसी में आने वाले अन्य गंभीर मरीजों को कोशिश यही की जा रही है कि उनका समुचित इलाज हो और उन्हें भर्ती न करना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें