लगातार बारिश से जिले की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गई है। कहीं तार टूट गए हैं तो कहीं विद्युत खंभे उखड़ गए हैं। बारिश के कारण अलग अलग क्षमता के दो दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर भी फुंक चुके हैं। इससे पिछले 24 घंटे से जिले की डेढ़ लाख से अधिक आबादी को बिजली से वंचित है। लोगों जहां रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है वहीं विद्युत आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट गहरा गया है।
व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा हैै। मालूम हो कि चार दिनों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हो रही है। इससे आम जनजीवन जहां पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार चांदपुर गांव में लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर सोमवार को बिजली गिरने से फुंक गया था।
इससे लगभग 2 हजार की आबादी में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई । सूचना के बाद भी इसे अब तक नहीं बदला जा सका। जहांगीरगंज प्रतिनिधि के अनुसार रामनगर फीडर से जुड़े नसीरपुर गांव के निकट हाईटेंशन तार गिर जाने के चलते मूसेपुर, समैसा, सोनऊ, जयसी, गंगासागर व कोरिया गांव की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इससे 20 हजार की आबादी प्रभावित हुई।
वहीं नसीरपुर गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए लगा 10 केवीए का ट्रांसफार्मर खंभे समेत गिर पड़ा। इससे लगभग एक हजार की आबादी को दो दिन से अंधेरे में रात गुजारना पड़ रही है। इसी फीडर से जुड़े जहांगीरगंज, नेवारी, नरियांव, सिंहपुर, सहसा, आदमपुर, ऐनवां व गिरैयाबाजार में तार टूटकर गिर गया इससे लगभग 30 हजार की आबादी को बिजली से वंचित है।
तेंदुआईकला फीडर से जुड़े शहाबुद्दीनपुर, हरदिया जलाल, केसरपुर, कलयानपुर, देवरिया, तेंदुआईकला, समडीह, अलऊपुर, राजेसुल्तानपुर, पदुमपुर, सिंघलपट्टी, नतमलपुर, हेटरिया व असनारा गांव में भी खंभा व जर्जर तार क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप हो गई। इससे लगभग 40 हजार की आबादी को बीते 48 घंटे से बगैर बिजली के रात गुजारने को मजबूर है।
महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार देर शाम बारिश व हवा के चलते जहां छह खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कई स्थानों पर जर्जर तार टूटकर गिर पड़े। इससे टौकला, सिलावट, जैतूपुर, मनवा, सेहरा जलालपुर, मुकुंदीपुर, सुखईपुर, डारीडीहा, अभयचंद्रपुर व परसाएं की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इससे लगभग 30 हजार की आबादी को बिजली से वंचित है।
भीटी प्रतिनिधि के अनुसार बारिश के कारण अढ़नपुर, टेमा, गोविंदापुर, चंदापुर, रिउना, खजुरी, मदारभारी, समरसिंहपुर, समंथा, पिगरियावां, इटवा, महमूदपुर, बेला, बनगांव, सम्मनपुर, भीटी व काही गांव की आपूर्ति मंगलवार देर शाम से ठप चल रहा है। इससे लगभग 35 हजार की आबादी को अंधेरे में रहने को मजबूर है।
लगातार हो रही बारिश और छिन्नभिन्न हो चुकी विद्युत आपूर्ति का प्रभाव कारोबार पर भी पड़ा है। विद्युत चालित उद्योग धंधे ठप हैं। इनसे जुड़े लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समैसा के आटा चक्की संचालक रामफेर ने कहा कि विगत दो दिनों से आपूर्ति ठप है। इससे आटा चक्की का संचालन नहीं हो पा रहा है।
काम न होने से आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। तेंदुआईकला में वेल्डिंग का कार्य करने वाले सुनील ने कहा कि बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते काम नहीं हो पा रहा है। इससे आथिक समस्या पैदा हो गई है।
अकबरपुर नगर में भी विद्युत आपूर्ति पर भी बरसात असर देखने को मिला है। बार बार आपूर्ति ठप होने से लोग परेशान हैं।
यह क्रम लगातार चल रहा है। अलग अलग क्षेत्रों में 2 से 3 घंटे तक आपूर्ति बाधित हो रही है। बिजली न आने से कोई पेयजल का संकट पैदा हो गया है। कई घरेलू व व्यावसायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
अधिशाषी अभियंता मुकेश बाबू ने बताया कि बरसात के चलते कई क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हुई है। अलग अलग क्षेत्रों में लगातार काम चल रहा है। ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, बुधवार देर शाम तक सभी जगहों पर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।