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Ambedkar Nagar News: धान खरीद में बिजली आपूर्ति बनी बाधक

Sun, 14 Dec 2025 10:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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.राजकीय क्रय केंद्र भियांव पर पसरा सन्नाटा।
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अंबेडकरनगर। धान खरीद शुरू हुए 43 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बिजली कटाैती के चलते सरकारी खरीद की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है। जिले में निर्धारित समय सीमा के भीतर 15 लाख क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अब तक केवल 4.26 लाख क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी है, जो कुल लक्ष्य का करीब 27 प्रतिशत है। विपणन विभाग के पास लक्ष्य पूरा करने के लिए 28 फरवरी तक का समय शेष है। विभाग का दावा है कि समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
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जिले में इस वर्ष धान खरीद के लिए कुल 115 क्रय केंद्र खोले गए हैं। खाद विभाग के 36 क्रय केंद्रों पर आठ लाख 30 हजार क्विंटल के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 4828 किसानों से 2,32,180 क्विंटल धान की खरीद की गई है। पीसीएफ के 36 केंद्रों पर 2603 किसानों से 1,00,167 क्विंटल धान खरीदा गया है। वहीं पीसीयू के 23 क्रय केंद्रों पर 1081 किसानों से 46,260 क्विंटल और यूपीएसएस के 12 केंद्रों पर 498 किसानों से 24,620 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है।
मंडी समिति के चार क्रय केंद्रों पर 62 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां अब तक मात्र 14,400 क्विंटल (23.24 प्रतिशत) धान की ही खरीद हो सकी है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के दो केंद्रों पर अब तक 7,570 क्विंटल धान खरीदा गया है। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि धान की तौल प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और सभी संबंधित अधिकारियों को हर हाल में समय से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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फोटो–16
राजकीय क्रय केंद्र भियांव प्रथम पर रविवार सुबह सन्नाटा पसरा रहा। समिति के शटर पर ताला लटका हुआ था। धान तौल की जानकारी लेने पहुंचे किसान केंद्र बंद देखकर मायूस होकर लौट गए। किसानों ने धान सीजन में क्रय केंद्र बंद रहने पर नाराजगी जताई। डिप्टी एआरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि रविवार साप्ताहिक अवकाश के कारण क्रय केंद्र बंद रहते हैं।
सहकारी संघ जलालपुर के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। अंदर धान की बोरियां खुले में रखी थीं। गेट के सामने रखी धान की छल्ली को पॉलिथीन से ढंका गया था। पूछताछ करने पहुंचे किसान राधेश्याम ने बताया कि उनके पास 40 बोरी धान है। वे यह जानने आए थे कि धान कब लाएं, ताकि तौल तुरंत हो सके, लेकिन अब सोमवार को आना पड़ेगा।
ग्रामीण समितियों पर बिजली संकट
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अमरजीत वर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की 38 समितियों को धान क्रय केंद्र बनाया गया है, लेकिन जनरेटर की व्यवस्था न होने के कारण रोस्टिंग के तहत बिजली कटते ही तौल कार्य ठप हो जाता है। यदि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो धान खरीद प्रभावित होना तय है।
बिजली कटते ही ठप हो जाती तौल
समितियों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से धान की तौल बंद हो जाती है। इसके लिए जनरेटर के माध्यम से तौल कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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— एआर कोऑपरेटिव, राघवेंद्र सिंह
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