अंबेडकरनगर। जिले की महिलाओं की जिंदगी में बीते कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं पढ़ाई के साथ अब तेजी से डिजिटल दुनिया से भी जुड़ रही हैं। इसका असर उनके आर्थिक सशक्तीकरण में भी दिखाई दे रहा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (2023-24) के आंकड़े इसकी तस्वीर साफ करते हैं।
वर्ष 2019-21 की तुलना में 10 या इससे अधिक वर्ष की स्कूली शिक्षा पाने वाली महिलाओं का अनुपात 53 से बढ़कर 57 फीसदी हो गया है। वहीं इंटरनेट के इस्तेमाल में सबसे बड़ा बदलाव आया है। इंटरनेट इस्तेमाल कर चुकी महिलाओं का अनुपात 27.7 फीसदी से बढ़कर 73.5 फीसदी पहुंच गया। यानी इसमें 45.8 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।
महिलाओं के आर्थिक रूप से सक्षम होने की तस्वीर भी बेहतर हुई है। अपने इस्तेमाल के लिए बैंक या बचत खाता रखने वाली महिलाओं का अनुपात 81 फीसदी से बढ़कर 91.6 फीसदी हो गया है। यानी अब जिले में करीब हर 10 में से नौ महिलाएं ऐसा बैंक या बचत खाता रखती हैं, जिसका इस्तेमाल वे खुद करती हैं।
मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बढ़ा
महिलाओं के अपने इस्तेमाल के लिए मोबाइल फोन रखने के अनुपात में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2019-21 में यह आंकड़ा 47.7 फीसदी था, जो 2023-24 में बढ़कर 61.2 फीसदी हो गया। इसमें 13.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच से महिलाएं घर बैठे सूचनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और बैंकिंग जैसी सुविधाओं से जुड़ रही हैं।
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संकेतक एनएफएचएस-6 (2023-24) एनएफएचएस-5 (2019-21) बदलाव
10 या अधिक वर्ष की स्कूली शिक्षा वाली महिलाएं 57.0% 53.0% +4.0 प्रतिशत
कभी इंटरनेट इस्तेमाल कर चुकी महिलाएं 73.5% 27.7% +45.8 प्रतिशत
अपने इस्तेमाल का बैंक/बचत खाता रखने वाली महिलाएं 91.6% 81.0% +10.6 प्रतिशत
अपने इस्तेमाल का मोबाइल फोन रखने वाली महिलाएं 61.2% 47.7% +13.5 प्रतिशत
डिजिटल प्लेटफार्म महिलाओं को दे रहा सीखने का अवसर
डिजिटल प्लेटफार्म महिलाओं के लिए सीखने और आगे बढ़ने का नया माध्यम बन रहे हैं। इंटरनेट की बढ़ती पहुंच से महिलाएं घर बैठे शिक्षा, रोजगार और जरूरी जानकारियों से जुड़ रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ने के साथ आत्मनिर्भरता की राह भी आसान हो रही है।
- मोनिका श्रीवास्तव, गृहणी
शिक्षा से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
शिक्षा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और अवसरों के प्रति जागरूक कर रही है। पढ़ी-लिखी महिलाएं अब परिवार के फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़ रही हैं।
- सरिता गुप्ता, पूर्व चेयरमैन नगर पालिका अकबरपुर
वर्जन
महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल पहुंच और आर्थिक भागीदारी में हो रहा सुधार जिले के लिए सकारात्मक संकेत है। इंटरनेट और बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ाव बढ़ने से महिलाओं के लिए सीखने, जानकारी हासिल करने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर बढ़े हैं। प्रशासन का प्रयास है कि योजनाओं और सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचे, ताकि वे आर्थिक और सामाजिक रूप से और मजबूत बन सकें।
- ईशा प्रिया, जिलाधिकारी
डीएम ईशा प्रिया। संवाद
डीएम ईशा प्रिया। संवाद
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