मालूम हो कि शनिवार 5 दिसंबर को होने वाले मतदान से एक दिन पहले की रात डिहवा मजरे में प्रचार के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों पक्ष एक दूसरे पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अवैध संसाधनों का प्रयोग करने का आरोप लगा रहे थे।
कहासुनी व विवाद के बाद मारपीट की नौबत आ गई। इसी बीच किसी ने गोली चला दी, जो नदीम (40) पुत्र नूर मोहम्मद को जा लगी। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें तवरेज, इमरान अहमद व परवेज समेत कुल पांच लोग घायल हो गए।
आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने फायरिंग के आरोपी आलोक पांडेय व प्रधान राजेन्द्र वर्मा को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना कर दी। सूचना पर पहुंची इब्राहिमपुर पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाने चली गई।
एसओ पवन सोनकर ने बताया कि वादी शफीक अहमद की तहरीर पर राजेन्द्र वर्मा, जयप्रकाश, दुर्गादत्त उर्फ आलोक पांडेय के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त अवैैध असलहामय दो जिंदा कारतूस व एक खोखा बरामद किया गया है।