नहर टूटने से भरा पानी।
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नहर विभाग की लापरवाही के चलते बीती रात डड़वा यरकी माइनर की पटरी टूट गई। इससे 15 से अधिक किसानों की लगभग 40 बीघा फसल जलमग्न हो गई। सूचना देने के बावजूद विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। किसान घंटों मशक्कत के बाद किसी तरह पानी का बहाव रोक पाए। किसानों ने नहर विभाग की मनमानी पर नाराजगी जताते हुए बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
गौरतलब है कि कटेहरी विकास खंड क्षेत्र से गुजरे शारदा सहायक नहर से इमिलिया ड़डवा गांव से डड़वा-यरकी माइनर निकली है। इससे करीब 12 से अधिक गांव के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। कुछ समय से माइनर की साफ-सफाई ठीक ढंग से नहीं हो सकी है। इससे माइनर में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गत दिवस शारदा सहायक नहर का पानी माइनरों की तरफ भी बढ़ा।
माइनर की ठीक ढंग से सफाई न होने के कारण बीती रात पानी उफना गया और डड़वा गांव के निकट पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास के लोगों को माइनर में हुई कटान का पता तब चला जब पानी उनके घरों के पास स्थित खेतों में पहुंच गया। रात में ही फोन से इसकी सूचना नहर विभाग व तहसील प्रशासन को दी गई लेकिन कोई गांव नहीं पहुंचा।
पानी का बहाव लगातार खेतों की तरफ जारी रहा। धीरे-धीरे पटरी में हुई कटान का दायरा भी बढ़ता गया। इससे करीब 15 किसानों की लगभग 40 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इसमें मेंथा, उड़द, चरी, मूंग व सब्जियां आदि शामिल हैं।
सूचना देने के बावजूद नगर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के मौके पर न पहुंचने से किसानों में आक्रोश का माहौल दिखा। किसान राधेश्याम, ओमप्रकाश व पप्पू ने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के न पहुंचने पर उन लोगों ने खुद ही कटान पर काबू पाकर स्थिति को नियंत्रित किया।