राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अकबरपुर के नशे में धुत लैब टेक्नीशियन ने मामूली विवाद में दो छात्रों की जमकर पिटाई कर दी। घटना की जानकारी होते ही हॉस्टल से आए आक्रोशित छात्रों ने हंगामा करते हुए कर्मचारी की बाइक फूंक दी। साथ ही आरोपी कर्मचारी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
साथ ही घायल छात्रों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित छात्र की तहरीर पर लैब टेक्नीशियन के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में छात्रों व ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शनिवार देर शाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों व कर्मचारियों के बीच मारपीट का मामला प्रकाश में आया है।
बताया जाता है कि इंजीनियरिंग के छात्र मनीष (26) व शुभम दीक्षित (25) शनिवार रात लगभग 10 बजे एक ही बाइक से कॉलेज परिसर से बाहर जा रहे थे। इसी बीच कॉलेज परिसर में लैब टेक्नीशियन विकास वर्मा (35) भी बाइक से प्रवेश कर रहा था। छात्रों के अनुसार विकास ने उस समय शराब पी रखी थी। विकास ने उनको रोक लिया और मनीष को पीटने लगा।
साथ ही आवाज देकर कर्मचारी आवास से अन्य लोगों को बुला लिया। एकजुट हुए कर्मचारियों ने मनीष व शुभम की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी जिससे दोनों चोटहिल हो गए। इसके बाद तरह-तरह की धमकी देते हुए वहां से चले गए। दोनों छात्र हॉस्टल पहुंचे और घटना की जानकारी अन्य छात्रों को दी। आक्रोशित छात्रों ने परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
साथ ही परिसर में खड़ी विकास की बाइक को आग के हवाले कर दिया। वे विकास के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग करने लगे। इस बीच सूचना मिलने पर कोतवाल महेंद्र दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया। घायल छात्रों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इससे पहले विकास वहां से भाग खड़ा हुआ।
कोतवाल महेंद्र ने बताया कि मनीष की तहरीर पर विकास के विरुद्ध केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। इस बीच रविवार सुबह सीओ राघवेंद्र मिश्र ने भी कॉलेज पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और आवश्यक जानकारी हासिल की।
सीओ ने बताया कि मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. केएस वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए डीएसडब्लू दीपा वर्मा व डॉ. एके उपाध्याय की दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
टीम को तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। घटना को देखते हुए छात्रों के लिए बाइक व चार पहिया वाहन के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। साथ ही रात्रि 10 बजे के बाद कॉलेज परिसर से बाहर जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता मिला तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।