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25 हजार गरीबों का जल्द पूरा होगा पक्के घर का सपना

Sat, 26 Mar 2016 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर में ऐसी झोपड़ी में रहने वाले गरीबों को है पक्का आवास मिलने का इंतजार। - फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास योजना के तहत जिले के लगभग 25 हजार गरीबों का पक्के आवास में रहने का सपना पूर्ण हो सकेगा। योजना के तहत बेघर लोगों को पक्के आवास निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। अब छप्पर या पन्नी डालकर रह रहे गरीबों को निश्चित तौर पर इस नई योजना का लाभ मिलेगा।
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गरीबों का पक्के आवास में रहने का सपना पूर्ण करने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पीएम ने बीते दिनों ही प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास योजना का संचालन किए जाने की घोषणा की थी। वर्ष 2022 तक सभी बेघरों को पक्का आवास देने के लिए चलाई जा रही इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र को एक लाख 20 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।

योजना के संचालन से जिले के लगभग 50 हजार पात्रों का पक्के आवास में रहने का सपना पूर्ण होगा। गौरतलब है कि गरीबों को पक्के आवास में रहने का सपना पूर्ण कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा न सिर्फ इंदिरा आवासीय योजना का संचालन किया जा रहा है, बल्कि प्रदेश सरकार द्वारा लोहिया आवासीय योजना का संचालन भी हो रहा है।
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इंदिरा आवास के तहत चयनित पात्रों को 70 हजार रुपये, जबकि लोहिया आवास के लिए दो लाख 75 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 में इंदिरा आवास के लिए चार हजार 654 पात्रों का चयन किया गया था।

इसमें अकबरपुर विकास खंड में 636, बसखारी में 668, भीटी में 461, भियांव में 200, जहांगीरगंज में 407, जलालपुर में 710, कटेहरी में 472, रामनगर में 739 व टांडा में 661 पात्र शामिल हैं। सभी पात्रों को प्रथम किस्त के रूप में 35 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा चुके है।

उपभोग प्रमाणपत्र प्रदान करने वाले लगभग ढाई हजार पात्रों को द्वितीय किस्त भी प्रदान कर दी गई। इसी प्रकार लोहिया आवास के लिए 497 पात्रों का चयन किया गया है। सभी पात्रों को प्रथम किस्त के रूप में एक लाख 35 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी गई।

इन दोनों आवास योजना के बाद भी जिले में लगभग 25 हजार की आबादी ऐसी है जिसे पक्के घर की जरूरत बनी हुई है। दरअसल इंदिरा या लोहिया आवास योजना के तहत आवेदन की बजाए गांवों में सर्वे कर पात्रता तय करने का नियम है। इसमें कई बार मनमानी सामने आती रहती है जिसके चलते तमाम वास्तविक पात्र योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

मिझौड़ा के श्रीनाथ कहते हैं कि निश्चित तौर पर केंद्र सरकार का यह फैसला दूरगामी परिणाम वाला होगा। कहा कि उन्हें स्वयं आवास की जरूरत है लेकिन उनका चयन बीते दिनों किसी भी योजना के तहत नहीं हो पाया।

कटेहरी के शिवशंकर ने भी बताया कि गत दिवस आवास के लिए जिलाधिकारी ने निर्देशित भी किया था लेकिन अभी तक लाभ नहीं मिल पाया। हो सकता है कि आगे इस नई योजना से उन्हें पक्के आवास का लाभ मिल जाए।
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