जलालपुर (अंबेडकरनगर)। कटका थाना क्षेत्र के खानपुर हुसैनाबाद में रविवार को आग की विभीषिका ने जमकर तांडव मचाया। आग की चपेट में आकर एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घर व छप्पर स्वाहा हो गए। एक घर में तो बिटिया के विवाह के लिए आया घर ग्रहस्थी का कीमती सामान भी जलकर राख हो गया। मौके पर पहुंची अग्निशमन टीम ने ग्रामीणों की मदद से घंटों बाद आग पर काबू पाया। आग से छह लाख से अधिक के नुकसान का अंदेशा है। राजस्व टीम ने पीड़ितों को मदद पहुंचाने के उद्देश्य से मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का जायजा भी लिया।
कटका थाना क्षेत्र के खानपुर हुसैनाबाद गांव में रविवार दोपहर उस समय चीख पुकार मच गई जब गांव निवासी उमाकांत के छप्परनुमा गौशाला में अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक तेज हवा के चलते आग ने बगल स्थित निनकी के छप्पर को भी अपनी आगोश में ले लिया। इस दौरान आग के तांडव के सामने ग्रामीण बेबस बने नजर आए। जलालपुर से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को भी आग पर नियंत्रण पाने में करीब दो घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान आग की चपेट में आकर करीब एक दर्ज परिवारों के छप्पर व गृहस्थी जलाकर राख हो गयी। आग में लालचंद, हरिश्चंद्र, उमाकांत, छोटेलाल, राजाराम, दयाराम, शोभावती, राम नयन, लक्ष्मण, मुलायम, सुग्रीव, नीकेलाल, विद्या प्रसाद, मूदार आदि को बड़े पैमाने पर क्षति हुई। आग में किसी की बाइक, गौशाला, बिस्तर, अनाज तो किसी का मशीन व ठेला आदि जलकर खाक हो गए।
आग से विवाह की खुशियाें पर ग्रहण
खानपुर गांव में आग ने जहां तमाम ग्रामीणों के समक्ष रहने व खाने की मुश्किल खड़ी कर दी है, वहीं गांव निवासी निनकी की पुत्री की शादी की खुशियां भी आग में खाक हो गई। दरअसल निनकी की पुत्री चंद्रकला की आगामी 25 जून को शादी तय है। निनकी के पति का निधन हो चुका है। ऐेसे में उसी के ऊपर परिवार की जिम्मेदारी है। पुत्री को शादी में देने के लिए गहने व घर गृहस्थी से जुड़ा अन्य सामान भी खरीद लिया था। शादी को लेकर घर में व्याप्त खुशी व हर्ष के माहौल को आग की लपटों ने गम व दुख में बदल दिया। आग में निनकी का छप्पर तो जला ही साथ ही जेवर व 50 हजार रुपए नकद समेत तमाम सामान जलकर राख हो गया।
नुकसान का किया आकलन
घटना के बाद तहसीलदार आलोक रंजन सिंह ने राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया। क्षेत्रीय लेखपाल को निर्देशित किया कि अग्निकांड में नुकसान का आंकलन कर अविलंब रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाए, जिससे पीड़ितों को जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके। ग्रामीणों को फौरी तौर पर राशन व बिस्तर भी उपलब्ध कराया गया।