जलालपुर। शासन के तमाम निर्देशों के बावजूद अस्पतालों में चिकित्सक व कर्मचारी समय से नहीं पहुंच रहे हैं। हकीकत जानने के लिए गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अमर उजाला टीम जलालपुर महिला अस्पताल पहुंची। यहां मरीज इंतजार करते मिले, मुख्य चिकित्सक नदारद थे। अलग-अलग पदों पर 15 कर्मचारियों की तैनाती है। ज्यादातर कर्मचारी तो यहां पहुंच चुके थे लेकिन दोनों मुख्य महिला चिकित्सक ही गायब मिलीं। करीब 9 बजे एक चिकित्सक तो पहुंचीं, लेकिन ऐलोपैथ की चिकित्सक डॉ. मोहिसना तब भी नहीं पहुंच सकीं। उनके इंतजार में कई मरीज बैठे दिखे।
जलालपुर महिला अस्पताल में 15 कर्मचारियों की तैनात है। आयुष की डॉ. शशिबाला, एलोपैथ की डॉ. मोहसिना की तैनाती है। फार्मासिस्ट के दो पद रविश्याम पटेल व उमाकांत शर्मा, लैब टेक्नीशियन के पद पर चंद्रभान यादव, लैब असिस्टेंट के दो पदों पर हरिश्चंद्र व विनोद कुमार, स्टाफ नर्स के चार पदों पर मधुरिमा, श्वेता, विभा, अर्चना व आया के दो पदों पर आशा देवी व मालती, स्वीपर के एक पद पर शमीम अहमद तैनात हैं। अमर उजाला टीम गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल पहुंची।
शासन के निर्देश के मुताबिक, आठ बजे से अस्पताल खुलता है। अस्पताल खुलने के निर्धारित समय के आधे घंटे बाद भी डॉ. शशिबाला व डॉ. मोहसिना खातून नदारद मिलीं। करीब नौ बजे आयुष चिकित्सक डॉ. शशिबाला पहुंचीं। हालांकि, इसके बाद भी डॉ. मोहसिना नहीं पहुंच सकी थीं, जबकि एलोपैथिक दवा लेने वाले मरीजों की संख्या अधिक थी। तिघरा की पूजा देवी, हुसैनपुर की सरोजा, जलालपुर की कंचन का कहना था कि वे डॉ. मोहसिना के इंतजार में बैठी हैं।
अभी यह जानकारी नहीं पाई है कि वह आएंगी या नहीं। इस बाबत जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जावेद आलम से बात की गई तो उनका था कि सभी चिकित्सक समय से पहुंचते हैं। डॉ. मोहिसना भी थोड़ी देर में पहुंच गई थीं। हिदायत दी जाएगी कि सभी चिकित्सक व कर्मचारी समय से अस्पताल में मौजूद रहें।