अंबेडकरनगर। सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान प्रसूताओं व अन्य रोगियों की हो रही मौत के मामले में डीएम अनुपम शुक्ला ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने जांच टीम का गठन किया है, जो अप्रैल 2025 से अब तक हुई मौतों का ब्योरा प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर लापरवाही बरतने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
अकबरपुर, जलालपुर, बसखारी व जहांगीरगंज क्षेत्रों में निजी और सरकारी अस्पतालों में पिछले दिनों मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, इनमें प्रसूताओं के अलावा नवजात भी हैं। ज्यादातर मामलों में परिवार के लोगों की ओर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कुछ मामलों में एफआईआर कराई, जबकि ज्यादातर मामलों में अभी जांच लंबित है।
डीएम अनुपम शुक्ला ने बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल के साथ बैठक कर इन घटनाओें की जांच के लिए कमेटी बनाने के निर्देश दिए है। सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट मांगी है। इसमें मौतों की जानकारी के साथ अस्पतालों के पंजीकरण, मृतक की बीमारी की स्थिति और उनके इलाज का पूरा ब्योरा देना होगा। इसके अलावा उपचार करने वाले चिकित्सक का नाम, चिकित्सक की योग्यता, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, संचालक अथवा चिकित्सक पर एफआईआर या अन्य कार्रवाई भी बतानी होगी।
दो प्रारूपों में देनी है रिपोर्ट
अस्पतालों में यह देखा गया है कि केवल निजी अस्पतालों में ही नहीं सरकारी अस्पतालों में भी प्रसूताओं व अन्य रोगियों की मौत हुई हैं। इसको देखते हुए जांच टीमों को दो प्रारूप दिए गए हैं, जिसके आधार पर ही रिपोर्ट देनी होगी।
बीते दिनों अस्पतालों में हुई मौतें
17 जनवरी- जिला अस्पताल में अकबरपुर की रहने वाली नौशीन की प्रसव के बाद मौत के मामले में जांच चल रही है।
दो फरवरी- जहांगीरगंज में प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।
छह फरवरी- सम्मनपुर के सैदापुर जन आरोग्य केंद्र पर प्रसूता की हालत बिगड़ने पर रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। मामले की जांच जलालपुर सीएचसी अधीक्षक कर रहे हैं। छह फरवरी को ही बसखारी के नवजीवन अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल को सील कर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अलग-अलग क्षेत्रों में प्रसव व सामान्य रोगियों की मौत के मामले में जांच कमेटी बनाई गई है। सभी सीएचसी अधीक्षक अपने क्षेत्रों में पूर्व में हुई इस तरीके की घटनाओं की जांच करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ