तहसील दिवस में समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने में लापरवाही बरतना पांच जिलास्तरीय अधिकारियों व अकबरपुर कोतवाल पर भारी पड़ा है। डीएम विवेक ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए सभी को नोटिस जारी किया है।
गौरतलब है कि तहसील दिवस पर आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को लेकर समय-समय पर शासन के अलावा डीएम विवेक द्वारा दिशा-निर्देश दिया जा रहा था। बीते दिनों भी डीएम ने जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं का समय पर निस्तारण किए जाने का निर्देश दिया था।
बावजूद इसके आवश्यक प्रगति न होते देख डीएम ने शनिवार को सख्त रुख अपनाया। हुसेनपुर निवासी संतराम, गौहन्ना निवासी राजाराम व कुर्मीडीहा निवासी रामकेवल के प्रार्थनापत्र लगभग दो माह से लंबित रहने के कारण उपकृषि निदेशक विनोद कुमार का अगस्त माह का वेतन रोक दिया गया।
नरसिंहपुर निवासी पवन अग्रहरि व करतोरा निवासी सभापति का प्रार्थनापत्र भी लगभग दो माह से लंबित रहने के कारण जिला अग्रणी प्रबंधक अरुण प्रताप सिंह तथा शहजादपुर निवासी रवींद्र कुमार मेहरोत्रा का प्रार्थनापत्र भी लगभग दो माह से लंबित रहने के कारण सीएमओ डॉ. गंगाराम चंद्रा एवं दामोदरपुर चकिया निवासी रामपियारे का प्रार्थनापत्र भी दो माह से निस्तारित न होने के चलते अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा दिनेश कुमार का अगस्त माह का वेतन आहरित होने पर डीएम ने रोक लगा दी।
सिझौलिया निवासी राममिलन का प्रार्थनापत्र दो माह से निस्तारित न होने के चलते बीएसए जेएन सिंह का तथा मीरपुर शेखपुर निवासी रघुवर प्रसाद का प्रार्थनापत्र लगभग तीन माह से लंबित होने के कारण अकबरपुर कोतवाल महेंद्र कुमार के अगस्त माह के वेतन भुगतान पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
डीएम ने इन सभी अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि तहसील दिवसों में आने वाले प्रार्थनापत्रों या अन्य प्रार्थनापत्रों के निस्तारण में कोई लापरवाही मिली तो और कड़ा एक्शन लिया जाएगा।