दिव्यांगों ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। कहा गया कि दिव्यांगों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है। न तो योजनाओं का उन्हें समुचित लाभ दिया जा रहा है और न ही उनकी मांगों का निस्तारण किया जा रहा है। जब भी वह अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है।
अब आश्वासन से काम चलने वाला नहीं है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारत देशम ट्रस्ट जिलाध्यक्ष लालमणि पटेल ने कहा कि लंबे समय से दिव्यांग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उसे दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से दिव्यांगों को 3 हजार रुपये पेंशन प्रतिमाह दिए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। इससे दिव्यांगों के समक्ष विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
वक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि दिव्यांगों को लोहिया व इंदिरा आवासीय योजनाओं का प्रमुखता के आधार पर लाभ दिलाया जाए। बीपीएल सूची में दिव्यांगों का नाम डालकर उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का समुचित लाभ दिलाया जाए।
साथ ही सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों को विशेष आरक्षण दिया जाए।वक्ताओं ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगों की समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। चेतावनी दी गई कि दिव्यांगों की उपेक्षा अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस दौरान सोनू, राजीव, राज कुमार, नीलम, गोपाल, मयाराम, सियाराम, संगीता, रीता देवी, अशोक कुमार मिश्र, रामलुटावन, रामसरोज आदि मौजूद रहे। बाद में विभिन्न मागों से संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।