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प्रमाणपत्र के लिए वर्षों से भटक रहे दिव्यांग

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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में सोमवार को आयोजित दिव्यांग शिविर में अव्यवस्था देखने को मिली। सुबह करीब आठ बजे से दिव्यांग शिविर में जांच कराने के लिए पहुंच चुके थे, परंतु चिकित्सकों की मनमानी यह कि शिविर में वे दोपहर बाद पहुंचे। इससे दिव्यांगों को घंटों चिकित्सकों के आने का इंतजार करना पड़ा। दिव्यांगों ने अस्पताल प्रशासन की इस मनमानी पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि यहां न तो बैठने के लिए कोई व्यवस्था है और न ही अन्य सुविधाएं। इसके बावजूद चिकित्सक यहां समय से उपस्थित होकर अपनी ड्यूटी के निर्वहन की जरूरत नहीं महसूस करते हैं। इससे यहां आने वाले दिव्यांगों व उनके परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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चिकित्सकों की मनमानी के चलते ही यहां कोई 4 बार तो कोई 7 बार से अस्पताल का चक्कर लगा रहा है। सोमवार को अमर उजाला टीम जिला अस्पताल में आयोजित दिव्यांग शिविर का जायजा लेने पहुंची तो यहां दर्जनों की संख्या में मौजूद दिव्यांग व उनके परिजनों का दर्द छलक पड़ा। यहां कई ऐसे दिव्यांग मौजूद थे जो पिछले कई बार से प्रमाणपत्र के लिए चक्कर लगा रहे हैं, परंतु उन्हें अब तक दिव्यांग प्रमाणपत्र मुहैया नहीं हो सका है। टीम से कई दिव्यांगों ने अपना दर्द भी बयां किया।
छह बार लगा चुकी हैं चक्कर
जिला अस्पताल में आयोजित दिव्यांग शिविर में मिलीं केदारनगर की गीता देवी ने बताया कि उनके पति विष्णु हाथ से दिव्यांग हैं। आज छठी बार जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए पहुंची हूं। इसके पहले उन्हें लेकर आई थी, तो राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर जांच के लिए रेफर कर दिया गया था। आज रिपोर्ट लेकर आई हूं। दोपहर के 12 बज चुके हैं, अब तक चिकित्सक ही नहीं आए हैं। ऐसे में लग रहा है कि आज भी प्रमाणपत्र मिल पाना संभव नहीं है।
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एक साल बाद भी नहीं बन सका प्रमाणपत्र
लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय कर जहांगीरगंज के देवरिया बुजुर्ग से जिला अस्पताल पहुंचे दिव्यांग मोहम्मद अहमद व अंजुमन बानो करीब एक वर्ष से अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं। पूछताछ में मोहम्मद ने बताया कि वे चौथी बार, जबकि अंजुमन बानो सातवीं बार दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए जिला अस्पताल आई हैं। बीच में कोरोना महामारी के चलते कार्य बंद हो गया था। शुरू होने के बाद वे आज दूसरी बार अस्पताल पहुंचे हैं। परंतु अब तक कोई चिकित्सक ही नहीं आया है। ऐसा लग रहा है कि आज भी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ेगा। अस्पताल आने पर अक्सर चिकित्सक अन्य स्थान से जांच कराकर रिपोर्ट लाने या फिर अन्य कारण बताकर वापस कर देते हैं।
कराई जाएगी जांच
जिला अस्पताल में प्रत्येक सोमवार को दिव्यांग शिविर का आयोजन होता है। सुबह 9 बजे से चिकित्सकों के पहुंचने के निर्देश हैं। चिकित्सक क्यों नहीं पहुंचे, इसकी जानकारी करायी जाएगी। फिलहाल दिव्यांग को जांच के बाद जरूरी प्रमाणपत्र निर्गत होते हैं। कोई शिकायत मिलती है तो छानबीन करायी जाएगी।
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-डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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