अंबेडकरनगर। तलाकशुदा महिलाएं भी अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभ के लिए पात्र होंगी। इसके लिए उन्हें किसी प्रकार की पात्रता की जरूरत नहीं है। ऐसी महिलाओं को योजना का समुचित लाभ मिल सके, इसके लिए शासन ने सीएमओ कार्यालय को ऐसी महिलाओं की सूची तैयार करने तथा उनका स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने का निर्देश दिया है। इस पर सीएमओ कार्यालय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेजकर प्रत्येक वर्ग की तलाकशुदा महिलाओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा है।
बीपीएल कार्डधारकों को निशुल्क व बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना का समुचित लाभ पात्रों को मिल सके, इसके लिए अभियान चलाकर पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाया जाता है। ऐसे कार्ड के माध्यम से पात्र चयनित अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं। योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्रों को मिल सके, इसके लिए शासन के निर्देश पर लगातार अभियान चलाकर पात्रता सूची में शामिल पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। अब तक इस योजना का लाभ सिर्फ बीपीएल कार्डधारक परिवार को ही मिलता चला आ रहा है। अब शासन के नए निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ग की तलाकशुदा महिलाओं को भी योजना का लाभ मिलेगा।
जन आरोग्य योजना के जिला समन्वयक डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि बीते दिनों ही शासन से सीएमओ कार्यालय को प्राप्त पत्र में कहा गया है कि तलाकशुदा महिलाओं का चयन कर उनका गोल्डन कार्ड बनवाया जाए, जिससे उन्हें भी योजना का समुचित लाभ मिल सके। उधर, योजना प्रभारी डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि सीएमओ कार्यालय ने बीते दिनों ही जिला प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेजकर तलाकशुदा महिलाओं की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है। बताते चलें कि योजना के तहत एक लाख 64 हजार परिवारों के 8 लाख 24 हजार 345 का गोल्डन कार्ड बनना है, जिसकी तुलना में 1 लाख 82 हजार 261 का गोल्डन कार्ड बन चुका है।
योजना के तहत 3754 मरीजों का हुआ इलाज
जन आरोग्य योजना के तहत अब तक जिले के 11 सरकारी व 3 निजी अस्पतालों में योजना संचालित है। इनमें अब तक 3 हजार 754 पात्र मरीजों का इलाज हो चुका है। इनके इलाज के लिए संबंधित अस्पतालों की ओर से बीते दिनों शासन से 3 करोड़ 89 लाख रुपये की मांग की गई थी। इसकी तुलना में शासन से बीते दिनों 3 करोड़ 37 रुपये की राशि उपलब्ध करा दी गई है, जो मांग के अनुसार 98 प्रतिशत है।
निशुल्क बन रहा गोल्डन कार्ड
योजना के तहत अब उन महिलाओं का भी निशुल्क इलाज सुनिश्चित हो सकेगा, जो तलाकशुदा हैं। इसके लिए उन्हें किसी विशेष पात्रता सूची में शामिल होने की जरूरत नहीं है। चयनित अस्पतालों में निशुल्क गोल्डन कार्ड बन रहा है। ऐसे में पात्रों को चाहिए कि योजना का समुचित लाभ उठाने के लिए गोल्डन कार्ड जरूर बनवा लें। इसके अलावा जनसेवा केंद्रों पर भी 30 रुपये शुल्क देकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ