अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेटर यूनिट लगाए जाने की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है। इससे मरीजों को प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की सुविधा यहीं पर मिल सकेगी। अभी सिर्फ ब्लड देने की सुविधा है। अगर किसी को प्लेटलेट्स या प्लाज्मा चाहिए होता है, तो उसे दूसरे महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर जाना पड़ता है।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में हर महीने करीब 200 मरीज ऐसे आते हैं जिन्हें सामान्य खून नहीं, बल्कि उसके अलग-अलग हिस्से जैसे प्लेटलेट्स या प्लाज्मा की जरूरत होती है। ये जरूरत सबसे ज्यादा डेंगू के मरीजों, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को होती है। अभी ये सुविधा न होने की वजह से मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ता है।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बीते दिनों रक्तदाता दिवस के मौके पर ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। साथ ही ब्लड बैंक प्रभारी से सेपरेटर व अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली थी। मौजूदा समय में यहां सेपरेटर न होने के चलते ब्लड प्रिजर्व कर मरीजों को दे दिया जाता है। पूर्व में इसकी प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन इसे अमल में नहीं लाया जा सका था। सेपरेटर यूनिट लगने के बाद मरीजों को जरूरी कंपोनेंट्स (जैसे प्लेटलेट्स और प्लाज्मा) यहीं पर मिल सकेंगे। इससे इलाज जल्दी शुरू हो सकेगा और बाहर जाने की परेशानी भी नहीं होगी। खासतौर पर गरीब और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे ब्लड बैंक की क्षमता भी बढ़ जाएगी।
लाइसेंस प्रक्रिया हुई पूरी
ब्लड बैंक प्रभारी एमके त्रिपाठी ने ब्लड बैंक के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साथ ही लाइसेंस नंबर भी आवंटित हो गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार जल्द ही सेपरेटर लगाने के लिए आवेदन किया जाएगा।