ताड़ी की दुकानों से अवैध वसूली तथा उनके नवीनीकरण न होने को लेकर उठे विवाद के बीच डीएम विवेक द्वारा जिला आबकारी अधिकारी को जेल भिजवा देने की चेतावनी देते हुए कक्ष से बाहर कर दिया गया। डीएम के मुताबिक तमाम लाइसेंसधारक यह शपथपत्र दे रहे हैं कि उनसे अवैध वसूली की जा रही थी।
जिले में 58 ताड़ी विक्रेताओं की दुकान का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर गत दिवस विक्रेताओं ने जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन भी किया था। इस मामले को लेकर डीएम विवेक ने जिला आबकारी अधिकारी व आबकारी निरीक्षकों को तलब किया। इसी दौरान वहां मौजूद कई लाइसेंसधारकों ने शिकायत की, कि उनसे अवैध वसूली की जा रही है।
डीएम ने जानना चाहा कि यह रकम कौन ले रहा है, तो बताया गया कि जिला आबकारी अधिकारी द्वारा रकम ली गई है। आबकारी अधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने इससे इंकार किया, लेकिन लाइसेंसधारकों ने कहा कि वे इस आशय का शपथपत्र भी दे सकते हैं।
इसके बाद जिलाधिकारी का मूड उखड़ गया और उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप में जिला आबकारी अधिकारी बजरंग बहादुर सिंह को जेल भिजवा देने की चेतावनी दे डाली। उन्होंने आबकारी अधिकारी को कक्ष से बाहर निकल जाने का निर्देश देते हुए कहा कि नवीनीकरण की पत्रावली उनके सामने प्रस्तुत की जाए।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप मनगढ़ंत हैं। डीएम के बर्ताव से वे दुखी हैं। उधर डीएम ने बताया कि जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा। इस पर ही उन्होंने उन्हें चेतावनी दी थी। लाइसेंसधारक अवैध वसूली का शपथ पत्र देने की बात कह रहे थे।