अंबेडकरनगर के हरदासपुर गांव में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र।
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अंबेडकरनगर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किराए के भवन या फिर प्राथमिक विद्यालय अथवा ग्राम सचिवालय में संचालित 45 आंगनबाड़ी केंद्रों को शीघ्र ही अपना भवन मिलेगा। शासन की मंजूरी के बाद तीन करोड़, 38 लाख, 40 हजार रुपये की लागत से कार्यदायी संस्था आरईएस व पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया है। संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण से लगभग छह हजार छात्र-छात्राओं, गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभ मिलेगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में छात्र-छात्राओं व गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए वर्ष 2018-19 में शासन ने जिले में किराए के भवन या फिर प्राथमिक विद्यालय अथवा ग्राम सचिवालय में संचालित 45 केंद्रों को अपना भवन देने को मंजूरी प्रदान की थी। बताते चलें कि मौजूदा समय में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 2548 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 177 के पास अपना भवन है, जबकि 132 किराए के भवन में संचालित हैं। शेष 2239 आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालयों अथवा ग्राम सचिवालयों में संचालित हो रहे हैं।
किराए के भवन व प्राथमिक विद्यालय तथा ग्राम सचिवालयों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में छात्र-छात्राओं व गर्भवती महिलाओं को अक्सर विभिन्न मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके मद्देनजर शासन ने 45 केंद्रों के भवन का निर्माण कराने को मंजूरी प्रदान की थी। सात लाख 52 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर कुल खर्च तीन करोड़, 38 लाख, 40 हजार रुपये आएगा। शासनस्तर पर 25 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरईएस, जबकि 20 भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी को दी गई है।
निर्माण में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न उत्पन्न हो, इसके लिए कार्यदायी संस्था को जरूरी राशि भी उपलब्ध करा दी गई है। बाल विकास विभाग के वरिष्ठ लिपिक एके मिश्र ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगा। सत्यापन के बाद भवनों को विभाग को हैंडओवर कराया जाएगा। अपने भवन में केंद्र के संचालन से लगभग छह हजार छात्र-छात्राओं व गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को लाभ मिलेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि 45 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिली है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शीघ्र ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।