अंबेडकरनगर। उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता की बहन व पिता की पिटाई करने के मामले में बेवाना थाना प्रभारी संतोष के विरुद्घ केस दर्ज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में विधि सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसी क्रम में एसपी के निर्देश पर केस दर्ज कर मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को दे दी गई है।
बेवाना थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव निवासी सुुषमा तिवारी के अनुसार बीते 25 जनवरी को बेवाना थाना प्रभारी संतोष कुमार रात आठ बजे तब उनके घर के अंदर घुस गए जब वे खाना बना रही थीं। इस तरह घर में प्रवेश करने को लेकर जब उन्होंने सवाल किया तो थानाध्यक्ष ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए पिटाई कर दी और अभद्र व्यवहार किया है। गले से सोने की चेन भी झटक ली।
इस बीच पहुंचे पिता नर्मदामणि त्रिपाठी की भी पिटाई कर दी। मामले की शिकायत तत्कालीन एसपी से की गई थी, लेकिन तब भी कार्रवाई नहीं हुई। महिला के एक भाई धर्मेन्द्र त्रिपाठी अकबरपुर तहसील में राजस्व अमीन के पद कार्यरत हैं, जबकि एक भाई शैलेंद्र मणि त्रिपाठी उच्चतम न्यायालय तथा दूसरे भाई उपेंद्रमणि त्रिपाठी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता हैं।
शैलेंद्र ने मामले की शिकायत बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में की। वहां से कोर्ट ने एसपी को विधि सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया। इसी क्रम में एसपी ने बेवाना थाने में ही मौजूदा प्रभारी संतोष के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करा दिया। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। एसपी ने केस दर्ज होने की पुष्टि की है।