आलापुर (अंबेडकरनगर)। ब्लॉक संसाधन केंद्र रामनगर में शुक्रवार को सातवें चक्र के पांचवें दिन अंग्रेजी कक्षा तीन की पुस्तक संतूर को लेकर शिक्षकों के साथ गहन चर्चा आयोजित की गई। इस दौरान पुस्तक की विषयवस्तु, अभ्यास कार्य और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान संदर्भदाता ईशान श्रीवास्तव ने कहा कि संतूर पुस्तक की गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों में भाषा कौशल का संतुलित विकास करना है। उन्होंने शिक्षकों को अंग्रेजी शिक्षण को सहज, संवादात्मक और व्यावहारिक बनाने के सुझाव दिए। साथ ही, अभ्यास कार्य को भाषा अधिगम का आधार बताते हुए छात्रों को संवादात्मक वातावरण देने की बात कही। ईशान ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को कक्षा में अंग्रेजी बोलने के लिए प्रेरित करें, जिससे आत्मविश्वास बढ़े और विषय की गहरी समझ विकसित हो। उन्होंने सहपाठी समूह में अध्ययन सामग्री साझा करने को भी उपयोगी बताया। इस अवसर पर पवन कुमार, मीना, सुनीता, आनंद कुमार, प्रदीप सिंह, राजेश्वर कुमार यादव, रेखा, खुशबू मिश्रा, आकांक्षा, पूजा मौर्य सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
भारतीय ज्ञान प्रणाली पर भी चर्चा
संदर्भदाता त्रिशूलधारी पांडेय ने भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे आयुर्वेद, योग और वेदांत को पाठ्यक्रम में समाहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को न केवल सांस्कृतिक मूल्यों की जानकारी मिलेगी, बल्कि शिक्षा अधिक समग्र, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी बन सकेगी। चर्चा में यह भी सुझाव आया कि छात्रों की सफलता का आकलन केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि स्थायी और व्यवहारिक ज्ञान पर जोर दिया जाना चाहिए।