अंबेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें विकसित भारत जीरामजी अधिनियम के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधानों और क्रियान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय व जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने योजना की जानकारी प्रत्येक गांव तक पहुंचाने और पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 60 दिन का कृषि अवकाश भी निर्धारित किया गया है।
डीएम ईशा प्रिया ने विकासखंड स्तर पर भी कार्यशालाएं आयोजित कर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि अधिनियम 1 जुलाई 2026 से लागू है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 के बजाय 125 दिन के अकुशल रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का प्रावधान किया गया है। साथ ही अनुमन्य कार्यों की संख्या 266 से बढ़ाकर 318 कर दी गई है, जिन्हें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, आजीविका और आपदा प्रबंधन की चार श्रेणियों में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों का श्रेणीवार वर्गीकरण, अग्रिम धन आवंटन, कंटीजेंसी व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत, योजना को पीएम गति शक्ति से जोड़ने तथा जॉब कार्ड के स्थान पर जनता कार्ड की व्यवस्था जैसे सुधार लागू किए गए हैं।