भूमि संरक्षण विभाग में कार्यों के नाम पर 10 करोड़ से अधिक की धांधली मामले की जांच राज्यपाल के निर्देश पर सिंचाई एवं जल संसाधन बोर्ड के डायरेक्टर ने भी शुरू कर दी है। डीएम विवेक के निर्देश पर सीडीओ भी मामले की जांच पहले से कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता की अपील पर हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त फैजाबाद को निर्देशित किया है।
बीते दिनों अधिवक्ता बृजेश यादव ने जिला प्रशासन से भूमि संरक्षण विभाग में कार्यों के नाम 10 करोड़ रुपये से अधिक की धांधली का आरोप लगाया था।
कहा था कि विभाग के दो अवर अभियंता मिलीभगत कर नाली, निर्माण सहित अन्य के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना विभाग को लगा चुके हैं। बीते दिनों शिकायतकर्ता ने अकबरपुर थाने में धमकी मिलने की प्राथमिकी भी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विवेक ने सीडीओ को जांच सौंप दी।
करीब तीन माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी। बृजेश के मुताबिक इस बीच सरकारी कार्य में व्यवधान डालने व जान से मारने की धमकी के फर्जी मामले में अवर अभियंताओं ने प्राथमिकी भी दर्ज करा दी।
बृजेश ने बीते दिनों मामले की शिकायत राज्यपाल राम नाईक से की। राज्यपाल ने मामले की जांच का निर्देश सिंचाई एवं जल संसाधन बोर्ड के डायरेक्टर को दिया। डायरेक्टर ने बृजेश का बयान भी दर्ज कर लिया है। बृजेश ने बताया कि उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।
न्यायालय से मामले में न्याय संगत जांच व दोषी अवर अभियंताओं पर कार्रवाई की मांग की थी। इस संबंध में न्यायालय ने मंडलायुक्त फैजाबाद को आवश्यक निर्देश दिए है।