ऑनलाइन आवेदन के लिए सेंट्रल एडाप्शन रिसोर्स एजेंसी की वेवसाइट पर रजिस्ट्रेशन किया जायेगा । इसमें दत्तक लेने वाले माता पिता से सभी जानकारियां भरी जाऐगी। मसलन आयु, शौक्षिक स्तर, पेशा जैसे कई कालम बनाए गए है।
दरअसल किसी बच्चे के लावारिश हालात में मिलने पर पुलिस को सूचना मिलने पर उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करती है। इसके बाद समिति बच्चे के बाबत आवश्यक लिखा पढ़ी करके दो माह के लिए उसे किसी व्यक्ति को पालन पोषण के लिए दे देती है।
इसके बाद सोशल एडाप्शन एजेंसी न्यायालय से कानूनी तौर पर स्वतंत्र कराने के बाद बच्चे को गोद दिए जाने के बाबत आनलाइन रजिस्टर्ड कर देती है। इस बीच नए नियमों के मुताबिक अब बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया में पुलिस की सहमति की जरूरत खत्म कर दी गई है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ अन्नू सिंह ने बताया कि बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन व्यवस्था से आसान हो गई है। अब तक जिले में बच्चा गोद लेने के लिए इस व्यवस्था के तहत दो लोगों ने आवेदन किया है।