अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लेखाकार अंजू वर्मा और लेखाधिकरी श्रीशपति त्रिपाठी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अब इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित हो गई है। संघ ने इस पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
आरोप था कि अवैध ढंग से कार्यालय में माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत और सेवानिवृत लिपिकों से अवैध वसूली कराई जाती है। इसके अलावा घूस न देने पर एनपीएस योजना के अंतर्गत शिक्षकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
शिक्षक संघ का आरोप है कि घूस की रकम न मिलने पर जान-बूझकर देयताओं को लंबित कर एरियर बना दिया गया है और देयकों का भुगतान न करके एक करोड़ चालीस लाख रुपये शासन को वापस कर दिया गया। जिलाध्यक्ष डॉ. विजय वर्मा और जिलामंत्री श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाई की मांग की थी।
इस पर वित्त नियंत्रक प्रयागराज ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। जिसमें पर्यवेक्षक अधिकारी मदनलाल, लेखा परीक्षक एनके मीना देवी और श्याम बाबू को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। यह 17 मई तक निष्पक्ष जांच के लिए विशेष परीक्षण करेंगे।