जलालपुर। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अब सोहगुपुर गांव की जर्जर पुलिया भुगत रही है। दुल्हूपुर बाजार से बसखारी और जलालपुर को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लिए जीवन रेखा का काम करती है।
प्रतिदिन हजारों लोग, जिनमें स्कूली बच्चे, निजी बसों के यात्री और आम नागरिक शामिल हैं, इसी पुलिया से होकर गुजरते हैं। हालांकि, पिछले 25 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी यह पुलिया अब अपनी उपयोगिता खो चुकी है और हर पल एक बड़े हादसे को न्योता दे रही है। यह पुलिया दुल्हूपुर, निमटिनी, मधवापुर, डिघौटा, मरहरा, अवराडाड, सोहगुपुर, फतेहपुर और कर्बला बाजार जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को बसखारी व जलालपुर से जोड़ती है। पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके चलते स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। निजी स्कूलों की बसें, दोपहिया वाहन, साइकिल सवार और पैदल राहगीर हर दिन इस जानलेवा पुलिया से गुजरने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में पुलिया की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। पानी भरने और फिसलन बढ़ने के कारण गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बसों के लिए यह सफर अत्यंत जोखिम भरा हो जाता है।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर सवाल
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय तो गांव में दिखाई देते हैं, लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। फतेहपुर मोहिबपुर के रोहन गुप्ता व जगदंगा सिंह और सोहगुपुर के अरुण राजभर ने कहा कि दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण पुलिया पर संबंधित विभाग और प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
संबंधित मार्ग और पुलिया की सीमा की जांच कराई जाएगी। जांच के उपरांत आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके।
दिलीप वर्मा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग