अंबेडकरनगर। एक ओर जहां शादी-विवाह का सीजन अपने चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कॉमर्शियल एलपीजी गैस की किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और मिष्ठान व्यवसायियों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। 1 मई से 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कीमत बढ़कर 3240 रुपये हो गई है, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा पांच किलोग्राम का कॉमर्शियल सिलिंडर 647.50 रुपये से बढ़कर 890 रुपये हो गया है।
जिले में रसोई गैस की समस्या मार्च के पहले सप्ताह से ही बनी हुई है। पहले कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक के कारण अकबरपुर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई छोटे होटल-रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। बड़े रेस्टोरेंट में कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। कुछ दिन पूर्व छोटे कॉमर्शियल और बड़े सिलिंडरों को टोकन मनी व कनेक्शन लेने की सुविधा पर मुहैया कराए जाने शुरू किए गए थे। इसके बाद भी शादी-विवाह के लिए पर्याप्त संख्या में सिलिंडर मुहैया नहीं हो पा रहे थे।
इसी बीच कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी होने से हालात और बिगड़ गए हैं। पहले 19 किग्रा सिलिंडर 2247.50 रुपये में उपलब्ध था। यह अब 3240 रुपये हो गया है। ऐसे में कई रेस्टोरेंट संचालक खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाएंगे जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य न हुई और कीमतों पर नियंत्रण न किया गया, तो इसका व्यापक असर आम जनजीवन और छोटे व्यवसायों पर पड़ेगा।
बढ़ानी पड़ी सामान की कीमत
जलालपुर तहसील क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट संचालक मनोज चौहान ने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से गैस की कमी के चलते उन्हें कोयले की भट्टी का सहारा लेना पड़ रहा है। कॉमर्शियल सिलिंडर सीधे तीन हजार रुपये के पार पहुंच गया है। ऐसे में रेस्टोरेंट के मेन्यू में भी बदलाव करना पड़ा है। कीमत 20 से 30 रुपये तक बढ़ गई है।
नहीं ले पा रहे ऑर्डर
जलालपुर के प्रसिद्ध मिष्ठान विक्रेता बबलू ने बताया कि शादी सीजन के बावजूद गैस की किल्लत के कारण वे सीमित ऑर्डर ही ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोयले का उपयोग कर काम चलाया जा रहा है, लेकिन इसकी भी एक सीमा है। ऐसे में व्यवसायियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।