अंबेडकरनगर। धान खरीद में और तेजी लाने व खरीद का जायजा लेने के लिए डीएम राकेश कुमार मिश्र ने सोमवार को जिले के कई क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इसमें एक क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा खरीद में गड़बड़ी किए जाने पर उसके विरुद्ध एफआईआर के निर्देश दिए, जबकि कम खरीद करने पर एक क्रय केंद्र प्रभारी को बर्खास्त करने का निर्देश दिया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान की खरीद तेजी से सुनिश्चित की जाए। किसानों को किसी भी तरह से मुश्किल नहीं होनी चाहिए। ऐसा पाया जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
गौरतलब है कि धान खरीद में जिले को प्रदेश में अव्वल जिले में शामिल कराने के लिए प्रशासन सभी तरह के इंतजाम कर रहा है। इसके लिए डीएम, सीडीओ व एडीएम जैसे अधिकारी आए दिन क्रय केंद्रों का स्वयं जायजा ले रहे हैं। अब तक आधा दर्जन से अधिक क्रय केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें केस दर्ज कराने तक का मामला शामिल है। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र सोमवार को एक बार फिर से औचक निरीक्षण पर निकले। वे खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा संचालित कृषि विपणन सहकारी लिमिटेड दुललापुर नरायनपुर क्रय केंद्र पर पहुंचे।
डीएम ने यहां पाया कि जिस मशीन से धान की ओसाई की जा रही थी, उसमें गड़बड़ी बरती जा रही थी। मशीन इस तरह लगाई गई थी, जिसमें किसानों का काफी धान सफाई के नाम पर उड़ जा रहा था। इससे किसानों को नुकसान हो रहा था। डीएम ने इसे बड़ी गड़बड़ी मानते हुए तत्काल क्रय केंद्र प्रभारी करुणानिधि तिवारी के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश दिया। डीएम इसके बाद पीसीएफ द्वारा संचालित क्रय केंद्र महरुआ गोला पहुंचे। वहां सहायक आयुक्त सहकारिता प्रवीण कुमार व तहसीलदार गौरव सिंह मौजूद थे। क्रय केंद्र प्रभारी संदीप दुबे नींद लेते पाए गए। खरीद भी सिर्फ 30 क्विंटल हुई थी।
डीएम ने इस पर केंद्र प्रभारी को बर्खास्त करने का निर्देश दिया। सब्जी मंडी स्थित क्रय केंद्र का जायजा लेने पर प्रभारी भूपेंद्र ने बताया कि अब तक कुल 2500 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। यहीं पर स्थित पीसीएफ के क्रय केंद्र के निरीक्षण में प्रभारी सुजीत मौर्य ने बताया कि 146 किसानों का 5484 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। डीएम ने आरएफसी के क्रय केंद्र का भी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद डीएम ने सभी क्रय एजेंसियों के अधिकारियों से कहा कि खरीद कार्य में तेजी लगातार जारी रहे। किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो। केंद्रों पर जो भी किसान पहुंचें, उनके धान की खरीद नियमों के अनुसार करने पर पूरा जोर दिया जाए। इसमें तनिक भी गड़बड़ी या हीलाहवाली पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।