विभाग अब तक इन गांवों को संतृप्त नहीं कर सका है। उधर योजना के तहत चयनित इस वर्ष के 28 लोहिया गांवों के लिए अब तक शासन से एक भी रुपया नहीं आ सका है। वित्तीय वर्ष शुरू होने के ढाई माह बाद भी लोहिया गांवों में विकास का कार्य नहीं शुरू हो सका है।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित गांव के ग्रामीणों की खुशी गायब होती नजर आ रही है। वित्तीय वर्ष शुरू हुए ढाई माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अब तक गांव में विकास कार्य शुरू नहीं हो सके। कारण यह कि शासन से अब तक लोहिया गांवों में कार्य कराने के लिए एक भी रुपया खाते में नहीं आ सका है। विभाग भी शासन से पैसा मांगने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
शासन द्वारा बीते वित्तीय वर्ष में जिन 29 गांवों को लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित किया था, विभाग अब तक उनमें भी अधिकांश गांवों को संतृप्त नहीं कर सका है। कहीं पर संपर्क मार्ग अधूरे हैं, तो कहीं विद्युतीकरण के नाम पर सिर्फ गांवों में पोल ही लग सके हैं। आंतरिक गलियों के सीसी रोड, केसी ड्रेन, स्वच्छ पेयजल व मार्ग प्रकाश के अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना पूर्ण नहीं हो सकी है।
शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष 2015-16 में 28 गांवों का चयन योजना के तहत किया गया है। वित्तीय वर्ष शुरू हुए ढाई माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अब तक इन गांवों में विकास कराने के लिए किसी भी मद में धनराशि नहीं आ सकी है।
विभागीय आंकडों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए चयनित गांवों में संपर्क मार्ग के लिए लक्षित 28 गांवों के लिए 17 करोड़ 79 लाख 7 हजार रुपए, आंतरिक गलियों में सीसी रोड निर्माण के लिए 4 करोड़ 96 लाख, केसी डे्न निर्माण के लिए एक करोड़ 24 लाख, स्वच्छ पेयजल के लिए 11 लाख 34 हजार, आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण के लिए एक करोड़ नौ लाख 98 हजार, वैकल्पिक मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए 60 लाख 94 हजार रुपए, लक्षित 6 हजार 745 शौचालय के लिए 8 करोड़ 9 लाख 4 हजार, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के लिए 27 हजार 24 मजदूरों के लिए 54 लाख 9 हजार, 61 नि:शुल्क बोरिंग के लिए 4 लाख 78 हजार, अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजना के तहत 83 छात्रों को 1 लाख 71 हजार, गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले सामान्य वर्ग के 46 छात्रों को 2 लाख 6 हजार, वृद्घा किसान पेंशन के तहत 1410 लोगों को 50 लाख 85 हजार, निराश्रित व विधवा 349 महिलाओं के लिए 12 लाख 56 हजार, 198 नि:शक्तों के लिए 7 लाख 12 हजार, समाजवादी पेंशन के तहत 1177 लोगों को 70 लाख 62 हजार व अनुसूचित जाति के 71 छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए 2 लाख 54 हजार रुपए की आवश्यकता है। शासन अब तक यह धनराशि विभाग को नहीं उपलब्ध करा सका है।