अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर व आसपास के क्षेत्र में विकास को अब नए पंख लगेंगे। शहर समेत 404 वर्ग किमी. दायरे को विनियमित क्षेत्र घोषित करने की तैयारी है। इससे नियोजित विकास तेजी से हो सकेगा। कुल साढ़े चार लाख की आबादी इस दायरे में लाई जा रही है। अयोध्या तथा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सटा क्षेत्र होने का पूरा लाभ अकबरपुर को विनियमित क्षेत्र घोषित कर लाभ उठाने की तैयारी है।
जिले में अब तक सिर्फ टांडा नगर ही विनियमित क्षेत्र में शामिल रहा है। करीब पांच सालों से अकबरपुर को विनियमित क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन कोई न कोई अड़चन आ जा रही थी। अब जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से अकबरपुर नगर व आसपास के इलाके को विनियमित क्षेत्र घोषित होने की उम्मीदें बढ़ गईं हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एमएलसी हरिओम पांडेय व डीएम अविनाश सिंह की अगुवाई में इसे लेकर हुई बैठक में सर्वसम्मति से विनियमित क्षेत्र का गठन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा व ईओ अकबरपुर बीना सिंह के अलावा कई सभासद, ग्राम प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसमें अकबरपुर नगर के साथ ही आसपास के 248 गांवों को भी विनियमित क्षेत्र के दायरे में शामिल करने का निर्णय हुआ। करीब साढ़े चार लाख की आबादी को इस क्षेत्र में शामिल किया गया है।
अब जल्द ही शासन की तरऊ से मंजूरी मिलने के बाद संपूर्ण अकबरपुर विनियमित क्षेत्र में प्रशासन नियोजित ढंग से विकास कर सकेगा। इसके साथ ही जमीन के अव्यवस्थित उपयोग को रोका जा सकेगा। इसका लाभ विकास कार्यों में प्रशासन को मिलेगा। उद्योग-धंधों की स्थापना संबंधित क्षेत्रों में आसानी से कराई जा सकेगी। अनियोजित निर्माण रोकने के साथ ही समय से कार्य योजना बनाकर प्रशासन पूरे क्षेत्र में आने वाले दिनों में कई तरह के कार्य की तैयारी में है।
प्रस्तावित विनियमित क्षेत्र की सीमा अकबरपुर नगर के अलावा उत्तर दिशा में टीकमपारा, हैदराबाद, खजावां, इस्माइलपुर, तुलसीपुर व मंगुराडिला, पूर्व दिशा में तुलसीपुर, केशवपुर, अमौली, लारपुर, अमरतल व बेलउवा बलियारपुर, पश्चिम दिशा में शाहपुर परासी, रामदासपट्टी, बिशुनपुर, महमूदपुर कदियापुर, कल्याणपुर, हुसेनपुर सकरवारी तथा दक्षिण दिशा में होरिलपुर, सिसवां, अटंगी, ऊसरपुर, इस्माइलपुरगंज, एवं आलमपुर अखई की सीमा तक कार्यक्षेत्र में शामिल किया गया है।
248 गांवों में भी नक्शा बिना नहीं होगा निर्माण
विनियमित क्षेत्र में शामिल होने के बाद सभी 248 गांव में बिना नक्शे की स्वीकृत के कोई भी निर्माण नहीं हो सकेगा। अभी तक यह क्षेत्र अकबरपुर नगर व अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए लागू था। अब विनियमित क्षेत्र होने के बाद सभी लगभग 250 गांव के लोगों को किसी भी तरह का आवासीय या व्यवसायिक निर्माण करने से पहले उसकी विधिवत मंजूरी लेनी होगी।
और तेजी से होगा होगा
विनियमित क्षेत्र घोषित होने से विकास के कार्य और तेजी से होंगे। पिछले कुछ समय से जिले में तमाम कंपनियां व उद्योगपति निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। इससे और बेहतर माहौल प्राप्त होगा। इसका ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। - अविनाश सिंह, डीएम