अंबेडकरनगर। ग्राम प्रधान व सचिव के हस्ताक्षरों का सत्यापन न होने से बीते करीब दो माह से 71 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। इसकी वजह तकनीकी बताई जा रही है। दरअसल, शासन के निर्देशानुसार पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम योजना के तहत ग्राम प्रधान व सचिव के हस्ताक्षर ऑनलाइन सत्यापित होने के बाद ही किसी भी विकास संबंधित कार्य को अनुमति व धन आवंटन किया जा सकता है। जिले में 927 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 856 ग्राम पंचायतों में योजना के तहत ग्राम प्रधान व सचिव के हस्ताक्षर ऑनलाइन सत्यापन के बाद विकास कार्य सुचारु रूप से चल रहे हैं, लेकिन 71 ग्राम पंचायतों में हस्ताक्षर सत्यापन न होने के चलते विकास ठप है।
ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने व पारदर्शिता लाने के लिए बीते दिनों प्रदेश सरकार ने विकास कार्य के लिए नगद धन निकासी, चेक व आरटीजीएस पर रोक लगा दी थी। साथ ही निर्देशित किया था कि पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ग्राम प्रधान व सचिव के हस्ताक्षर ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही विकास कार्य में लगने वाले धन को खातों में भेजा जाए। जिले में 927 ग्राम पंचायतें हैं। शासन ने निर्देश के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप हो गए थे।
जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय के लिपिक रईस अहमद ने बताया कि 856 ग्राम पंचायतों की सभी प्रक्रिया पूर्ण कर शासन को भेज दिया गया था। योजना के तहत इन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान व सचिव के हस्ताक्षर ऑनलाइन सत्यापन भी करा दिया गया। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू कर दिए गए। 71 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनकी सभी प्रक्रिया पूर्ण कर शासन को भेज दी गई हैं, लेकिन योजना के तहत तकनीकी गड़बड़ी के चलते ग्राम प्रधान व सचिव के ऑनलाइन हस्ताक्षर नहीं सत्यापित हो सका। इसके चलते इन ग्राम पंचायतों में बीते लगभग दो माह से मनरेगा योजना समेत अन्य विभिन्न प्रकार की योजनाओं के तहत होने वाले विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। हस्ताक्षर के सत्यापन के बाद इन ग्राम पंचायतों में भी विकास कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे।
71 ग्राम पंचायतों के प्रधान व सचिव के ऑनलाइन हस्ताक्षर सत्यापन न होने से संबंधित गांवों में विकास कार्य ठप हैं। सत्यापन के लिए बीते दिनों ही दोबारा निदेशालय को पत्र भेजा गया है। हस्ताक्षर सत्यापन के बाद विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।
- रामअशीष चौधरी, डीपीआरओ