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Ambedkar Nagar News: ज्यादा यूरिया, डीएपी खरीदने वाले किसानों का तैयार होगा ब्योरा

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अंबेडकरनगर। जिले में उर्वरकों की अत्यधिक बिक्री और कालाबाजारी पर रोकथाम के लिए कृषि विभाग सख्त हुआ है। सभी विक्रेताओं को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) से विक्रय किया जाएगा। पांच बैग से अधिक कोई किसान उर्वरक लेता है तो उसका पूरा ब्योरा रजिस्टर में दर्ज करेंगे। निरीक्षण में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ पूर्व में की गई खरीद का ब्योरा भी मांगा गया है।



जिले में 700 से अधिक उर्वरक दुकानें हैं, जहां पीओएस मशीन के जरिए उर्वरकों की बिक्री के निर्देश दिए गए हैं। सभी उर्वरकों के निर्माता, थोक विक्रेता और फुटकर विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि यूरिया, डीएपी का समय सहित पूरा रिकार्ड रखेंगे। शत-प्रतिशत पीओएस मशीन से ही बिक्री की जाएगी। खुदरा मूल्य दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री नहीं की जाएगी। किसानों को अन्य उत्पादक खरीदने के लिए भी बाध्य नहीं करेंगे।
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कोई विक्रेता बिना किसान का अंगूठा लगाए, खुदरा मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह भी ध्यान रखना है कि कोई कृषक पांच बैग से अधिक यूरिया, डीएपी, एनपीके उर्वरक के बैग क्रय करता है तो वितरण पंजिका में किसान का नाम, पिता का नाम, गांव, आधार संख्या, मोबाइल नंबर, कृषि भूमि, उर्वरक का नाम, मात्रा, प्राप्त धनराशि व कैश की रसीद की संख्या व तारीख जरूर लिखेंगे। पीओएस मशीन खराब होने पर इसकी जानकारी कार्यालय को देंगे। निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज मिलने चाहिए।
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बिना लाइसेंस भंडारण पर होगी कार्रवाई

उर्वरक विक्रेता अपने लाइसेंस की वैधता की जांच करा लें। यदि जांच में वैधता समाप्त मिली और यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके, जिंक आदि का क्रय विक्रय या भंडारण मौके पर पाया गया तो वस्तु अधिनियम 1955 के तहत केस दर्ज कराया जाएगा।



-पियूष राय, जिला कृषि अधिकारी
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