फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाई एलर्ट के बावजूद नहीं दिख रही चौकसी

Sat, 23 Jan 2016 10:44 PM IST
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद न्यायालय, कलक्ट्रेट, जिला अस्पताल सहित सार्वजनिकस्थलों पर कहीं भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी। लोग बेधड़क संबंधित कार्यालय परिसर में आ जा रहे थे। यह हाल तब है, जबकि विभिन्न आतंकी धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन


आवश्यक दिशा निर्देश होने के बाद भी जिला मुख्यालय पर न तो कोई चौकसी होती दिख रही और न ही आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए संदिग्धों की तलाश में कोई छापेमारी।

गौरतलब है कि पूर्व में अयोध्या में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के अकबरपुर में ही रुकने की बात सामने आई थी। इससे घटना को लेकर अंबेडकरनगर जिले की भूमिका पूरे प्रदेश में चिंताजनक तस्वीर के साथ उभरी थी। तय हुआ था कि घरों में किराए पर रहने वाले लोगों का भी समय समय पर सत्यापन किया जाएगा।
विज्ञापन


इसके बाद भी न तो पिछले कई वर्षों से किराएदारों का सत्यापन हो रहा और न ही मोहल्लों आदि में कोई आकस्मिक चेकिंग। होटलों, ढाबों व सार्वजनिक स्थानों पर भी कोई ऐसी चेकिंग नहीं की जाती, जिससे यह पता चले कि कोई संदिग्ध तो कहीं नहीं रह रहा।

अकबरपुर रेलवे स्टेशन
शनिवार को अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन की तरह ही माहौल दिखा। न तो किसी प्रकार का जांच अभियान चला और न ही किसी प्रकार की अतिरिक्त सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए थे।

रविवार व गणतंत्र दिवस के अवकाश के चलते रेलवे स्टेशन पर शनिवार को काफी भीड़भाड़ रही। इसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना रहा। जीआरपी से लेकर आरपीएफ तक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह बने रहे।

कलक्ट्रेट
शनिवार को कलक्ट्रेट के इर्दगिर्द सुरक्षा की अतिरिक्त कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। लोग बेधड़क अंदर बाहर आ जा रहे थे। न तो किसी की जांच की जा रही थी और न ही किसी से कोई पूछताछ।

ऐसा तब है, जब गणतंत्र दिवस पर आतंकी धमकियों को देखते हुए हाईअलर्ट घोषित किया गया है। अब जबकि गणतंत्र दिवस का मात्र तीन दिन शेष रह गया है, ऐसे में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था न किया जाना सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही की जा रही है।

जनपद न्यायालय
हाईअलर्ट का किसी प्रकार का असर शनिवार को जनपद न्यायालय के समक्ष भी नहीं दिखाई दिया। मुख्य गेट पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की कोई तैनाती नहीं की गई थी। न सिर्फ बेतरतीब ढंग से दो पहिया वाहन खड़े किए गए थे, बल्कि लोग बेधड़क होकर अंदर बाहर हो रहे थे।

ऐसा तब है, जब जिले का शुमार अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आता है। न्यायालय के मुख्य द्वार पर न तो मशीन से चेकिंग की कोई व्यवस्था पुलिस ने की है और न ही संदिग्धों पर नजर का कोई प्रबंध। ऐसे में कोई भी संदिग्ध कचेहरी परिसर में आसानी से प्रवेश कर सकता है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें