अंबेडकरनगर। कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को कलेक्ट्रेट के पास भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों से इस कानून के विरोध में आवाज उठाने का आह्वान किया। कहा कि यह कानून सिर्फ कांट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने वाला है। कृषि कानून में सरकार कहीं पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी भी नहीं दे रही है। इससे किसानों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा। यह आरोप कलेक्ट्रेट पर आयोजित प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष मोहम्मद कैफ ने लगाए।
जिलाध्यक्ष ने किसानों से कृषि कानून का विरोध करने का आह्वान किया। कहा कि यह कानून किसानों के हित में नहीं है। ऐसे में किसानों को इसका विरोध करना चाहिए। सरकार को किसानों की उपज का न्यूनतम मूल्य दिलाने के लिए ठोस पहल करने की जरूरत है। कहा कि नए कृषि कानून में सिर्फ कांट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर है। ठेका प्रथा को बल मिलेेगा। इससे किसानों का शोषण होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा सरकार के नए कानून में दलहन, तिलहन, आलू, प्याज आदि वस्तुओं को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा दिया गया है। ऐसे में सरकार इसे खरीदे या न खरीदे यह सुनिश्चित नहीं है। इस उपज के समर्थन मूल्य को लेकर भी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच जाएगी। ऐसे में सरकार अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होते हुए निजी व्यापारियों व आढ़तियों के हाथों अपनी उपज बेचने के लिए किसानों को विवश कर देेगी। व्यापारी इसका भरपूर लाभ उठाएंगे।
वक्ताओं ने जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा कार्यालय में चल रही लूटखसोट के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। कहा कि रिश्वत लेकर अपात्रों को आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। जल निगम विभाग में चहेते ठेकेदारों के माध्यम से हो रहे मानक के विपरीत कार्यों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं नें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा। इस मौके पर मोहम्मद अरमान, सत्यम कनौजिया, भुजराम वर्मा, रुदल प्रसाद, फूलबदन वर्मा, किरन देवी, खुशियाल, सत्यम गुप्ता आदि मौजूद रहे।