समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कटेहरी बाजार में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में इन दिनों दिल्ली व लखनऊ के इंजन आपस में टकरा रहे हैं। पहले ऋषि, मुनि व संत कम बोलते थे, लेकिन अब संत लोग ज्यादा बोल रहे हैं। कटुता भरा भाषण दे रहे हैं। जोड़ने की बजाय उनका जोर नफरत पर है।
सपा प्रमुख ने कहा कि लोकसभा चुनाव में यूपी में मिली पराजय से ये सब घबराए हुए हैं। इनकी बोली व भाषा बदल गई है। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तो इनके नारे तक टकरा रहे हैं। डबल इंजन में टकराहट इस तरह है कि कार्यवाहक डीजीपी के भरोसे काम चल रहा है। दिल्ली का इंजन किसी और को चाहता है, जबकि लखनऊ का इंजन किसी और को जिम्मेदारी देना चाह रहा है। पूर्व सीएम ने कहा कि जो लोग नारे के माध्यम से समाज में बारूद बिछा रहे थे, उनकी कुर्सी हिलाने के लिए अपने लोग ही सुरंग बना रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि यूपी के उपचुनाव के साथ ही महाराष्ट्र में हो रहे चुनाव में जैसे ही वहां की सरकार जाएगी, उसके बाद यूपी की सरकार भी टिकने वाली नहीं है। कहा कि बांटने व काटने का नारा इन्होंने अंग्रेजों से सीखा है। अंग्रेज चले गए, लेकिन उनके विचार के लोग अब भी मौजूद हैं। ऐसे लोग समझ लें कि कटेहरी व यूपी की जनता बंटने वाली नहीं है। यहां सौहार्द पसंद लोग हैं। सभा को सांसद लालजी वर्मा, पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, रामअचल राजभर, पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त व जिलाध्यक्ष जंगबहादुर यादव ने भी संबोधित किया।