अंबेडकरनगर। जिले में सड़क हादसों की रफ्तार कम नहीं हो रही। 2021 से लेकर 15 सितंबर 2025 तक 887 लोगों की जान जा चुकी है। हर दूसरे दिन एक व्यक्ति की मौत हो रही है। इस साल सड़क दुर्घटनाएं और मौतें दोनों पहले से ज्यादा बढ़ी हैं। परिवहन और ट्रैफिक विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सड़क हादसों की 80 प्रतिशत मौतें हेलमेट न पहनने के कारण हो रही हैं। इसके अलावा, तेज रफ्तार, नशा और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं।
वर्ष 2025 में 15 सितंबर तक 273 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 180 लोगों की मौत हुई है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में 130 हादसों में 83 लोगों की जान गई थी। हादसों के बढ़ते आंकड़े यह दिखाते हैं कि जागरूकता अभियानों और नियमों के बावजूद सड़क सुरक्षा में सुधार नहीं हो रहा। वहीं शाम 7 से रात 9 बजे तक होने वाले हादसों में अधिकतर मामले नशे से जुड़े पाए गए हैं।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित, लेकिन सुधार अधूरे
हाल ही में प्रशासन ने 10 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। प्रमुख मार्गों पर सुधारात्मक कार्य शुरू किए गए हैं। हालांकि सुधारात्मक कार्य प्रमुख मार्गों पर ही हो रहे हैं। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में भी हर दिन हादसों में तीन से चार लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन वहां अब भी सुधार के प्रयास नाकाफी हैं।
हेलमेट न पहनना बना माैत की बड़ी वजह
परिवहन विभाग के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण यातायात नियमों का पालन न करना है। तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना और मोबाइल फोन पर बात करना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। शाम सात से रात नौ बजे तक होने वाली दुर्घटनाओं में अधिकांश नशे के मामले सामने आए हैं। इसमें 80 प्रतिशत लोगों की मौत हेलमेट न लगाने की वजह से हुई है।
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साल दर साल हादसे व माैत के आंकड़े
वर्ष-हादसे-मौतें-घायल
2021-249-162-182
2022-275-166-127
2023-274-158-124
2024-319-221-175
2025-273-180-181
दुर्घटनाओं के मुख्य कारण
-तेज रफ्तार
-नशे में वाहन चलाना
-मोबाइल फोन पर बात करना
स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिम्मेदार विभागों को सड़क व हाईवे के अवैध कट बंद कराने के साथ ही आवश्यकता वाले स्थान पर स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- नीतीश कुमार, सीओ सिटी/ सीओ ट्रैफिक