अंबेडकरनगर। दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। उसे सुबह ही यहां भर्ती कराया गया था। कैदी की मौत होते ही तहसीलदार ने पहुंचकर विधिक प्रक्रिया पूरी कराई।
अकबरपुर कोतवाली के रतनपुर निवासी करिया उर्फ अरशद (40) पुत्र अकरम को दुराचार व हत्या के मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह 2018 से सजा काट रहा था। इन दिनों जिला जेल के हाता नंबर तीन में वह बंद था। जेल कर्मियों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह छह बजे प्रतिदिन की तरह कैदियोंं की हाजिरी में शामिल हुआ। सुबह सात बजे के करीब उसने सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की। जेल में मौजूद फार्मासिस्ट ने दवा दी, लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। इस पर जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया।
जिला अस्पताल में सुबह 7.47 बजे जेल वार्डेन रवि सिंह ने उसे भर्ती कराया। वहां कुछ देर तक इलाज चला, करीब 15 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार उसे चेस्ट पेन था। मौत की खबर मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। तहसीलदार अकबरपुर बलवीर सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। इसी बीच रतनपुर से उसके परिजन भी यहां पहुंचे। तहसीलदार की मौजूदगी में अस्पताल के अंदर पंचनामा व अन्य प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई। इसके बाद शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया गया। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्र ने कहा कि सीने में दर्द की शिकायत के बाद कैदी को यहां दवा दी गई थी, इसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। वहां उसकी कुछ देर बाद मौत हो गई।
पेशी पर मां को बुलाकर चल बसा कैदी
जिला अस्पताल में रोते-बिलखते पहुंचीं कैदी की मां जमीला खातून ने बताया कि एक दिन पहले ही जेल से उसके बेटे ने वहां चल रहे पीसीओ से मोबाइल पर बात की थी। वह उस समय एकदम सामान्य था। उसने कहा था कि परसों मतलब शुक्रवार को जिला कोर्ट में उसकी पेशी है। उसने पेशी पर मां व अन्य लोगों से आने को भी कहा था। मां ने अपने बेटे को भरोसा दिलाया था कि वह जिला कोर्ट में जरूर पहुंचेंगी। जमीला ने यह बात अपनी बहू व बच्चों को भी बताई थी। वे सब भी पेशी पर जाने के लिए तैयार थे। इस बीच पूरे परिवार पर वज्रपात करने वाली यह खबर आ गई। जिला अस्पताल में ही मिली अरशद की पत्नी कमरजहां ने कहा कि वह दो दिन पहले अपने पति से मिलने जेल गई थीं। रोते हुए कहा कि तब यह नहीं पता था कि यह उनसे आखिरी मुलाकात होगी। भाई नफीस अंसारी का कहना था कि अरशद को कोई बीमारी नहीं थी। अब अचानक उसकी मौत ने हम सबको अकेला कर दिया है।