टांडा। पुलिस की बर्बर पिटाई के चलते युवक की मौत को लेकर शनिवार सुबह टांडा नगर के छज्जापुर में हंगामा खड़ा हो गया। परिवारीजनों व स्थानीय लोगों ने पुलिस पर अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दो दिन पहले घर से निकले दिहाड़ी मजदूर रिजवान की जमकर पिटाई कर दी गई थी। गंभीर दशा में उसका इलाज चल रहा था। इस बीच शुक्रवार आधी रात के बाद जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शनिवार सुबह यह खबर टांडा नगर में पहुंचते ही लोगों में गुस्सा फैल गया। स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए आनन-फानन में कई थानों की फोर्स सीओ के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गई। बाद में एसपी व एएसपी भी टांडा पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मृत युवक के पिता ने पुलिसकर्मियों के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के चार निशान आए हैं। हालांकि, मौत की वजह फेफड़े में पानी भरना बताया गया है।
टांडा नगर के छज्जापुर मोहल्ले में शनिवार सुबह लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्हें पता चला कि मोहल्ला निवासी मोहम्मद इसराइल के 22 वर्षीय पुत्र रिजवान की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुत्र की मौत को लेकर मोहल्ले में दहाड़ मारकर रो रहे पिता इसराइल का दर्द देख लोगों में आक्रोश पनपने लगा। सूचना मिलते ही फौरन सीओ अमरबहादुर, टांडा कोतवाली व अलीगंज थाने की पुलिस टीम को लेकर मौके पर पहुंच गए। पिता इसराइल ने वहां आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की पिटाई से घायल हुए उसके बेटे की मौत हो गई है। कहा कि उसका बेटा घरेलू सामान लेने के लिए 15 अप्रैल को अपराह्न चार बजे निकला था।
वह पोस्ट ऑफिस के पास पहुंचा था कि तभी पुलिस की जीप आ गई। उसमें से एक महिला दरोगा व कुछ पुलिसकर्मी उतरे और लॉक डाउन उल्लंघन का हवाला देकर उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी थी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। किसी तरह वह घर पहुंचा। लॉक डाउन व पुलिस के डर की वजह से पहले देसी उपचार कराया, लेकिन कोई फायदा न होने पर उसे 17 अप्रैल को स्थानीय सीएचसी ले जाया गया। हालत की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। देर रात वहां उसकी मौत हो गई। इसराइल के इन आरोपों का मौके पर मौजूद नागरिकों ने समर्थन किया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। आक्रोश को भांपते हुए मौके पर अन्य थानों के पुलिसकर्मियों के साथ ही पीएसी बल को भी बुला लिया गया। उधर, पुलिस ने जिला अस्पताल से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए एएसपी अवनीश कुमार मिश्र भी जिला मुख्यालय से टांडा पहुंच गए। उन्होंने परिवारीजनों से वार्ता की और लोगों का आक्रोश शांत कराया। इसी बीच एसपी आलोक प्रियदर्शी भी टांडा पहुंचे। उन्होंने युवक के परिवारीजनों के अलावा स्थानीय नागरिकों से भी वार्ता की। कहा कि जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, वह कराई जाएगी। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सभी जरूरी कार्रवाई तय होगी। घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने गुस्सा जताया है। भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष दीपक केडिया ने बताया कि परिवार के लोग उनके पास आए थे। उन्होंने पुलिसिया उत्पीड़न की जानकारी दी। पहले भी छज्जापुर पुलिस चौकी को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कठोरतम कार्रवाई की जरूरत है। सपा जिला महासचिव मुजीब सोनू, नगर अध्यक्ष कासिम अशरफ, एमआईएम के प्रदेश सचिव इरफान पठान व भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश गुप्त ने दोषी पुलिसकर्मियों पर अविलंब कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रेहान जैदी, दीपक शर्मा व विकल्प मिश्र आदि ने प्रकरण से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराने के साथ ही पुलिस प्रशासन से मांग की कि दोषी पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज कराया जाए।
रिजवान का पोस्टमार्टम चिकित्सकों की टीम ने वीडियोग्राफी के बीच किया। टीम में डॉ. विजय तिवारी, डॉ. सतीराम, डॉ. रवि राजभर शामिल रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के चार निशान का उल्लेख किया गया है। हालांकि, चिकित्सकों ने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी देने से इंकार कर दिया। कहा कि चोटों व अन्य हालात के बारे में वे कोर्ट में ही अन्य जानकारी दे पाएंगे। इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार चोटों का उल्लेख होने के बाद पुलिस के ऊपर और ज्यादा सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
युवक की मौत फेफड़े में पानी भरने से हुई है। जानकारी हुई है कि युवक किसी मार्ग दुर्घटना में घायल हो गया था। उसने एक निजी चिकित्सक से इलाज कराया था। वह बीमार भी था। उसकी मौत दुर्घटना या किसी कथित पिटाई से नहीं हुई है। चिकित्सकों से बात हुई है। उन्होंने बताया कि फेफड़े में पानी भरने से मौत हुई है।
आलोक प्रियदर्शी, एसपी