भीषण गर्मी के दौरान दिन और रात में हो रही विद्युत कटौती से जिला मुख्यालय के करीब एक लाख लोग बेहाल हैं। 24 घंटे के दौरान लो वोल्टेज के चलते यह संकट और भी बढ़ गया है। 24 घंटे की आपूर्ति के रोस्टर के विपरीत जिला मुख्यालय के अकबरपुर उपकेंद्र को ही 18 घंटे ही बिजली मिल पाई है। उपकेंद्र से टाउन फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को 14 घंटे आपूर्ति दी जा सकी है। उसमें भी लो वोल्टेज के चलते लोग घंटों परेशान हुए। उन्हें जनरेटर चलाने को मजबूर होना पड़ा।
बारिश के अभाव में गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं। ऐसे में विद्युत आपूर्ति के लगातार बेपटरी होने से लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है। करीब एक पखवारे से विद्युत आपूर्ति की स्थिति बदहाल है। दो-तीन दिनों बिजली का संकट और गहरा गया है। दो दिन पहले तक जहां तारों को दुरुस्त करने के नाम पर दिन में कटौती की जाती रही, वहीं अब रात में घंटों की कटौती से लाखों लोग बेहाल हैं।
हालात यह हैं कि जिला मुख्यालय को 24 घंटे की आपूर्ति के रोस्टर के विपरीत शहर स्थित उपकेंद्र को ही 18 घंटे बिजली मिल पा रही है। टाउन फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को 14 घंटे की ही बिजली दी जा सकी है। हालांकि कुछ अन्य फीडरों के उपभोक्ताओं को 12 से 13 घंटे बिजली मिल पा रही है। शहजादपुर के वीरेंद्र के अनुसार शनिवार रात नौ बजे से करीब डेढ़ घंटे आपूर्ति ठप रही। रात को तीन बजे दोबारा आपूर्ति बाधित हो गई। सुबह छह बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
यही हाल मीरानपुर का भी रहा। दीप कुमार के अनुसार मीरानपुर में रात साढ़े तीन बजे आपूर्ति ठप पड़ गई, जो सुबह छह बजे के बाद बहाल हुई। इस क्षेत्र में भी रात 11 बजे से एक घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। रविवार को दिन में भी नगर के अलग अलग क्षेत्रों में तीन से चार घंटे तक आपूर्ति अलग अलग कारणों से ठप रही।
अघोषित कटौती के साथ आपूर्ति के वक्त लो वोल्टेज भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। अकबरपुर नगर के उपभोक्ताओं को मिल रही12 से 13 घंटे की आपूर्ति के दौरान वोल्टेज इतना कम रहता है कि लोगों के पंखे तक नहीं चल पाते। रणंजय वर्मा के मुताबिक वोल्टेज 160 से 170 वोल्ट के आसपास आता है, जिसे 200 के ऊपर होना चाहिए। वोल्टेज कम रहने के चलते इन्वर्टर भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। व्यापारी अमनदीप सिंह ने कहा कि लो वोल्टेज के चलते जनरेटर चलाना मजबूरी है।