शासन-प्रशासन के दावों के बावजूद जनपद की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। जनपद के लोग आए दिन आपूर्ति बाधित होने से परेशान हैं। कई इलाकों की करीब 25 हजार की आबादी विद्युत ट्रांसफार्मर फुंकने व खराब होने के चलते 24 घंटे से अंधेरे में है। जिला मुख्यालय के शहजादपुर क्षेत्र में दिनभर तार बदलने तथा शाम को आपूर्ति बहाल होने के बाद फिर कटौती किए जाने से उपभोक्ताओं में काफी नाराजगी है।
विद्युत आपूर्ति में बदहाली का आलम यह है कि जिला मुख्यालय के लोगों को 20 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। भीषण गर्मी में एक तरफ जहां ट्रांसफार्मरों के जलने का क्रम जारी है, वहीं जर्जर हो चुके उपकरण भी लगातार जवाब देते जा रहे हैं। इसका खामियाजा अक्सर उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने के पावर कॉर्पोरेशन के दावे की हकीकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय पर तमसा मार्ग पर लगा ट्रांसफार्मर दो दिन पहले फुंक गया। स्थानीय लोगों की शिकायत पर शुक्रवार दोपहर बाद तक उसे बदला नहीं जा सका। इससे करीब 10 हजार की आबादी को 24 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा। लोगों की नाराजगी पर उपकेंद्र कर्मियों ने समझाया कि ट्रांसफार्मर आ गया है। देर शाम तक आपूर्ति शुरू हो जाएगा।
उधर माउख, भारीडीहा, बलया जगदीशपुर व ब्राहिमपुर इलाके के ट्रांसफार्मर भी जल गए हैं। इससे कई क्षेत्रों में 24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के बावजूद ट्रांसफार्मर शाम तक नहीं बदले गए। इससे आठ-दस हजार की आबादी को बिजली नहीं मि ल पा रही है। जलालपुर, आलापुर व टांडा क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों के जलने से करीब छह हजार की आबादी को पिछले 24 घंटे से बिजली नहीं मिल पाई है।
गत एक माह के दौरान जनपद में 90 ट्रांसफार्मर फुंक गए। अलग-अलग क्षमता के इन ट्रांसफार्मरों के फुंकने से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आवश्यक उपकरण नहीं मिल पाने के चलते कम क्षमता के ट्रांसफार्मर मरम्मत कार्य नहीं हो पा रहा है। इसके चलते भी कई क्षेत्रों में समय रहते ट्रांसफार्मर बदलने की योजना को झटका लग रहा है।