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Ambedkar Nagar News: रुकी कटान, गंदगी से दुर्गंध, संक्रामक रोगों की आशंका

Sat, 21 Sep 2024 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही कमी व कटान पर अंकुश लगने से माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस बीच बेहतर ढंग से राहत किट का वितरण न किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि मात्र 250 परिवारों में ही राहत किट का वितरण हुआ जबकि विगत वर्ष लगभग 850 परिवारों में किट का वितरण हुआ था।
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तहसील क्षेत्र आलापुर के माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के दो दर्जन मजरों की लगभग 25 हजार की आबादी के लिए शनिवार का दिन काफी राहत भरा रहा। एक तो लगातार जलस्तर में कमी हो रही तो दूसरे कटान भी रुका है। मालूम हो कि एक दिन पहले शुक्रवार को लगभग डेढ़ बीघा धान की फसल कटान की भेंट चढ़ गई थी। इससे माझा क्षेत्र के कई किसानों ने धान की हरी फसल को ही काट लिया। उनका कहना था कि कटान की भेंट चढ़ने से बेहतर है कि वह उसे काटकर पशुओं के लिए चारे का प्रबंध कर लें।
इंसेट
सफाई न करवाने पर नाराजगी
इस बीच शनिवार को राहत मिलने के बीच गंदगी व जगह-जगह जलभराव ने जरूर क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ का पानी हटने से जगह जगह फैली गंदगी व जलभराव से लगातार दुर्गंध उठ रही है। मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे संचारी रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। अराजी देवारा के सेवाराम व राधेश्याम तथा माझा कम्हरिया के अरविंद व शीतला प्रसाद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शुक्रवार को जिम्मेदारों से सफाई को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया। कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। इसके बाद भी न तो सफाई कराई जा रही और न ही एंटी लार्वा का ही छिड़काव कराया जा रहा।
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राहत किट वितरण में लापरवाही
माझा कम्हरिया के रामलखन, हरिशंकर, लालचंद्र, लल्लन, बिहारी, दिनेश, राजाराम, ऊषा, राधेश्याम, सीताराम, विजय, जयराम, राजेंद्र, संतलाल ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों में राहत किट के वितरण को लेकर जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई। गांव के निकट तक बाढ़ का पानी आने व खेतों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में सभी बाढ़ प्रभावितों में राहत किट का वितरण किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे आगामी दिनों में आर्थिक समस्या खड़ी हो सकती है। अराजी देवारा के मानधाता, राधिका, रामा, छोटकी, लाली, मनोरमा, कंचन, गीता, सुषमा, संगीता आदि ने कहा कि विगत वर्ष बाढ़ आने की दशा में लगभग 850 परिवारों में राहत सामग्री का वितरण हुआ था। इस बार मात्र 250 परिवारों में वितरण किया गया। खेत में पानी भरा होने के चलते धान की फसल बर्बाद हो गई है। घर का खर्च किस प्रकार से चलेगा। इसे लेकर जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी चाहिए।


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उठाए जाएंगे ठोस कदम
कटान पर पूरी तरह से अंकुश है। आवश्यकतानुसार प्रभावितों में राहत सामग्री का वितरण किया गया है। यदि जरूरत हुई तो और भी प्रभावितों में किट का वितरण होगा।
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सुभाष सिंह, एसडीएम
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