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खाद की कालाबाजारी में नपे तीन सरकारी कर्मचारी व 17 खाद विक्रेता

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अंबेडकरनगर। जिले में यूरिया की कालाबाजारी को लेकर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को 21 आरोपियों के विरुद्घ अलग-अलग थानों में केस दर्ज करवाया। इनमें साधन सहकारी समिति के दो सचिव, पीसीएफ द्वारा संचालित कृषक केंद्र के भंडार नायक व इंडो गल्फ खाद कंपनी के फील्ड सहायक समेत 17 व्यापारी भी शामिल हैं। डीएम के निर्देश पर अलग-अलग विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न थानों में इन आरोपियों के विरुद्घ केस दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। इस पर पुलिस ने तत्काल केस दर्जकर लिया। इन आरोप है कि खेत न होने के बावजूद विभिन्न नामों के आधार पर खाद बिक्री दिखाकर कालाबाजारी कर ली गई। वहीं, कई किसानों के नाम से उनको आवंटित मात्रा से अधिक खाद की बिक्री दिखा दी गई। जांच में पाया गया कि कर्मचारियों व विक्रेताओं ने यूरिया की जमकर कालाबाजारी की।
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इस बीच सरकारी कर्मचारियों तथा व्यापारियों के विरुद्घ केस दर्ज होने को लेकर हड़कंप का माहौल देखने को मिला। इस बीच डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को सुचारु ढंग से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई तय की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में किसानों को सुचारु ढंग से खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष मुहिम छेड़ रखी है। डीएम राकेश कुमार मिश्र द्वारा जहां रैक प्वाइंट से ही सीधे क्रय केंद्रों पर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है, वहीं कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापा मारने की कार्रवाई की।
इसी क्रम में पीसीएफ, कृषि विभाग व सहकारिता सेे जुड़े अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम से जिला प्रशासन ने विभिन्न सरकारी क्रय केन्द्रों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करायी। इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ऐसे ऐसे किसानों के नाम पर बड़ी मात्रा में खाद की बिक्री दिखा दी गई थी, जिनके पास खेत भी नही है। इसमें फर्जी आधार नंबर आदि का प्रयोग किया गया। छापा में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी पकड़े जाने के बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने संबंधित सरकारी कर्मचारियों, खाद कंपनी से जुड़े अधिकारियों तथा निजी खाद विक्रेताओं के विरुद्घ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अलग अलग थानों में 21 खाद विक्रेताओं व कर्मचारियों के विरुद्घ केस दर्ज हो गया।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ धर्मराज सिंह ने मेसर्स शुक्ला खाद भंडार चितईपट्टी, मेसर्स किसान सेवा केन्द्र मंगुराडिला, मेसर्स गोपाल ट्रेडिंग कंपनी रफीगंज, विजय खाद भंडार नगपुर, मेसर्स रामचैन यादव सलाहदीपुर, मेसर्स वर्मा खाद भंडार सकरा यूसुफपुर के विरुद्घ जलालपुर कोतवाली, मेसर्स यादव खाद भंडार इधना, मेसर्स जयराम वर्मा खाद भंडार चैनपुर, मेसर्स सिंह उवर्रक खाद भंडार पूरा बल्दही, मेसर्स किसान भंडार पक्खनपुर, इंडो गल्फ कंपनी के फील्ड सहायक बैजनाथ मौर्य के विरुद्घ जैतपुर थाना, मेसर्स राजीव खाद भंडार अमड़ी के विरुद्घ आलापुर थाना, मेसर्स किसान भंडार नसीरपुर के विरुद्घ हंसवर थाना, सत्यम खाद भंडार ककरही किशुनपुर के विरुद्घ जहांगीरगंज थाना, मेसर्स किसान खाद भंडार मालीपुर, मेसर्स किसान फर्टिलाइजर्स बीबीपुर के विरुद्घ मालीपुर थाना, गुप्ता खाद भंडार कम्हरिया के विरुद्घ राजेसुल्तानपुर थाना, मेसर्स शाक्य खाद भंडार सुलेमपुर परसावां के विरुद्घ टांडा कोतवाली में केस दर्ज कराया है।
पीसीएफ जिला प्रबंधक सुशील कुमार ने सुरहुरपुर के पीसीएफ कृषक केन्द्र भंडारण नायक के विरुद्घ मालीपुर थाने में, एआर कोआपरेटिव प्रवीन कुमार ने साधन सहकारी समिति चंदनपुर के सचिव गिरीश नरायण तिवारी के विरुद्घ अकबरपुर कोतवाली व साधन सहकारी समिति अजमेरीबादशाहपुर के सचिव सतीशचन्द्ढर चतुर्वेदी के विरुद्घ टांडा कोतवाली में केस दर्ज कराया कै।
जिले में किसी भी दशा में किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। उनके हितों की पूरी तरह सुरक्षा तय की जा रही है। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि किसानों को खाद, बीज व दवा मिलने में किसी प्रकार की असुविधा व कालाबाजारी न हो। इसका किसी भी स्तर पर उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं होगा। लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। यदि अब भी सुधार नहीं हुआ तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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राकेश कुमार मिश्र जिलाधिकारी
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