बाल रोग की ओपीडी में बच्चों का उपचार करते चिकित्सक।
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल की नियमित ओपीडी दो दिन बंद रहने के बाद मंगलवार को खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। डॉक्टर को दिखाने, जांच कराने और दवा लेने के लिए मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। मंगलवार को कुल 1493 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया, जबकि सामान्य दिनों में करीब 1200 मरीज पहुंचते हैं।
दो दिन तक नियमित ओपीडी बंद रहने और सोमवार को नागपंचमी का त्योहार होने के कारण अस्पताल में मरीजों का दबाव अपेक्षाकृत कम था। मंगलवार को अस्पताल खुलते ही लंबित मरीजों की संख्या बढ़ गई। सुबह से ही परचा काउंटर, चिकित्सकों के कक्ष और जांच केंद्रों के बाहर मरीजों की भीड़ नजर आई।
फिजीशियन की ओपीडी में डॉ. मनोज शुक्ला और डॉ. विवेक पांडेय ने मरीजों को देखा। दोनों चिकित्सकों ने कुल 623 मरीजों का परीक्षण किया। वहीं ईएनटी विभाग में 267, त्वचा रोग विभाग में 124 मरीजों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया। बाल रोग विभाग में 243 बच्चों का उपचार किया गया, जिनमें तीन बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें भर्ती किया गया।
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बोले मरीज
फोटो-15,16
अकबरपुर के कटरिया याकूबपुर के कांशीराम कॉलोनी निवासी सुरेश ने बताया कि तीन दिन से उन्हें बुखार आ रहा था। उन्होंने अस्पताल में जांच कराई है। इससे पहले उन्हें परचा बनवाने में करीब एक घंटा लग गया। कटेहरी के घरवासपुर चौबे निवासी रामनायक ने बताया कि इलाज के लिए सुबह नौ बजे आए थे करीब दो घंटे के बाद उनका परचा बन पाया। वहीं दवा लेने में भी करीब आधे घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ा, तब जाकर दवा मिल सकी।
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मरीजों की रही अधिक भीड़
दो दिन के अवकाश और सोमवार को नागपंचमी के चलते मंगलवार को भीड़ अधिक रही। परचा काउंटरों पर लाइन व्यवस्थित ढंग से लगवाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। भीड़ के बीच सभी को इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया गया।
-डॉ. पीएन यादव, सीएमएस जिला अस्पताल
बाल रोग की ओपीडी में बच्चों का उपचार करते चिकित्सक।