सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में परचा बनवाने के लिए लगी कतार। संवाद
अंबेडकरनगर/बसखारी। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई। वहीं, हंसवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर चिकित्सक की गैरमौजूदगी ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी।
जिला अस्पताल में सोमवार को 1467 मरीजों ने उपचार के लिए पंजीकरण कराया। मरीज इलाज के लिए घंटों कतार में लगे रहे। ओपीडी में बुखार, खांसी, जुकाम, सांस लेने में परेशानी और त्वचा रोग के मरीज अधिक थे। तीन चिकित्सकों ने करीब 619 मरीजों का उपचार किया।
पीएचसी हंसवर में सोमवार को चिकित्सक दिनेश सिंह और स्टाफ नर्स खुशबू अग्रहरी बिना अवकाश के अनुपस्थित मिले। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 मरीज उपचार के लिए आते हैं। डॉक्टर के नहीं मिलने पर फार्मासिस्ट श्यामजी ने उपलब्ध दवाएं देकर मरीजों को भेजा। पड़ताल में मधुमेह की दवा और खांसी की सिरप भी उपलब्ध नहीं मिली।
नहीं जा रहा बुखार
अकबरपुर के डय्याडीह निवासी सुग्रीव ओपीडी के कमरा नंबर 21 में डॉ. योगेश वर्मा को दिखाने के लिए कतार में थे। सुग्रीव ने बताया उन्हें दो दिनों से बुखार नहीं छोड़ रहा है। डॉक्टर को दिखाने के बाद जांच कराई है।
दस्त व बुखार से परेशान
सुल्तानपुर के दोस्तपुर की रहने वाली गुडिया ने बताया कि उन्हें दस्त आ रहे हैं। साथ ही बुखार भी रहता है। बाहर से दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिला तो अब दिखाने आए हैं।
सोमवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा भीड़ हो जाती है। वहीं इस समय मौसम में भी बदलाव हो रहा है। इसके कारण बुखार व त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ रही है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं।
- डॉ. पीएन यादव, सीएमएस