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फसलें नहीं... किसानों की उम्मीदें बिछा गए ओले

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फोटो 30, अंबेडकरनगर में शुक्रवार रात हुई तूफानी बारिश से इस तरह धराशायी हुई गेहूं की फसल। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से जिले में गेहूं समेत अन्य फसलें तहस-नहस हो गई हैं। जो फसलें कल तक लहलहा रहीं थीं, वह तेज हवा के साथ हुई बारिश के बाद खेतों में धराशायी हो गई हैं। इससे जिले के तीन लाख से अधिक किसानों को तगड़ा झटका लगा है। कृषि विभाग के अनुसार, 18 प्रतिशत फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम की मार झेलने वाले किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ भी होता है तो जो फसल धराशायी हुई है, उसमें उपज आधी हो जाएगी। ऐसे में लागत निकालना भी मुश्किल होगा। इसके इतर किसानों की चिंता यह भी है कि यदि आगे भी मौसम इसी प्रकार से रहा, तो फिर फसलों को व्यापक नुकसान होगा।
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खेतों में लहलहा रही गेहूं, सरसों, चना, जौ, मक्का आदि की फसलें देखकर इस बार किसान काफी खुश था। बेहतर उपज की संभावना ने किसानों के चेहरे पर चमक पैदा कर दी थी। लेकिन बीते तीन दिनों से तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों के सभी अरमानों पर जहां पानी फेर दिया, वहीं उनकी खुशियां भी पल भर में मायूसी में बदल गईं। दरअसल तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि ने फसलों को तहस-नहस कर दिया। कल तक जो फसलें खेतों में लहलहा रही थीं, उनमें से ज्यादातर खेतों में धराशायी हो गई हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अचानक बदले इस मौसम से औसतन 18 प्रतिशत फसल को नुकसान हुआ है।
कृषि विभाग के अनुज कुमार ने बताया कि जिले में 3 लाख 49 हजार किसानों ने 1 लाख 19 हजार 893 हेक्टेअर क्षेत्रफल में गेहूं की बुआई की है। इसके अलावा 758 हेक्टेअर क्षेत्रफल में जौ की, 27 हेक्टेअर क्षेत्रफल में मक्के, 1438 हेक्टेअर क्षेत्रफल में चने की, 6174 हेक्टेअर क्षेत्रफल में मटर की, 6555 हेक्टेअर क्षेत्रफल में सरसों की बुआई की गई है। अनुकूल मौसम होने के चलते इन फसलों की उपज बेहतर होने की संभावना थी। हालांकि अब जिस प्रकार से मौसम का मिजाज बदला है, उसे देखते हुए किसानों को झटका लगने की संभावना है।
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कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार बदले मौसम से जिले में औसतन 18 प्रतिशत फसल को नुकसान हुआ है। सबसे अधिक नुकसान भीटी तहसील क्षेत्र में 20 प्रतिशत, जबकि सबसे कम नुकसान अकबरपुर तहसील क्षेत्र में 10 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसके अलावा टांडा में 12 प्रतिशत, जलालपुर में 12 प्रतिशत व आलापुर तहसील क्षेत्र में 15 प्रतिशत फसल को नुकसान हुआ है।
मौसम के बदले मिजाज ने छोटे किसानों को बड़ा झटका दिया है। अकबरपुर के मंगल वर्मा व दिलीप कुमार ने कहा कि कम क्षेत्रफल में बोई गई फसल तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि के चलते लगभग पूरी तरह धराशायी हो गई है। जिन किसानों ने अधिक क्षेत्रफल में बुआई की है, उन्हें अधिक नुकसान नहीं हुआ है। भीटी के रामदुलार व जगदीश ने कहा कि उन्होंने कम क्षेत्रफल में गेहूं की बुआई की थी। तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओलावृष्ट से समूची फसल धराशायी हो गई है। अब यदि आगे मौसम साफ होता है, तो कुछ उम्मीद है कि आधी उपज हो जाएगी, लेकिन यदि आगे एक दो दिन और मौसम इसी प्रकार रहा तो सब कुछ समाप्त हो जाएगा।
तेज हवा के साथ हुई बारिश ने आम की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। पेड़ में बौर आने शुरू हो गए थे। तेज हवा व बारिश से ज्यादातर बौर झड़ गया। इससे उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पडना तय है। महरुआ के अहमद ने कहा कि अनुकूल मौसम के चलते इस बार पेड़ में अधिक बौर आए थे। इससे उम्मीद थी कि इस बार आम की अच्छी फसल होगी। इस बीच मौसम में आए परिवर्तन ने प्रतिकूल प्रभाव डाला है। बरधाभिउरा के मितई सोनकर ने कहा कि उसने बेहतर उपज की उम्मीद में पांच स्थानों पर बाग के फल खरीदे थे। बीते दिनों ही उसने दवा का छिड़काव भी किया था। तेज हवा व बारिश ने उसकी सभी उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया है। अब तो लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
तेज हवा के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से जिले में औसतन 18 प्रतिशत फसलों को नुकसान हुआ है। सभी तहसील क्षेत्र से नुकसान का ब्योरा मंगाया गया है। अब उसे शासन को भेजा जा रहा है।
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रामदत्त बागला, उप कृषि निदेशक
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