टांडा क्षेत्र में फसल की सुरक्षा के लिए खेत में लगाई गई तारों की बाड़ में प्रवाहित बिजली के करंट की चपेट में आने से एक एक वृद्ध की मौत हो गई। शाम को खेत गया वृद्ध देर रात तक नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। खेत में उसका शव मिलने पर घटना की जानकारी हुई। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे लेकिन गांव पहुंची पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत कराया। मृतक के परिवारीजन ने टांडा कोतवाली में घटना की तहरीर दी है।
टांडा इलाके में आशाजीतपुर तेंदुआ निवासी स्वामीनाथ का खेत गांव के एक व्यक्ति ने ठेके पर लिया है। उसने खेत में गन्ने की उगाई है। फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए उसने खेत के चारों तरफ तार बांध (बाड़) रखे है। आरोप है कि लोहे के तारों में विद्युत करंट प्रवाहित हो रहा था। इस बीच बुधवार शाम गांव निवासी सभापति (60) किसी काम से उधर गया था। वह तार की चपेट में आ गया। उस समय तारों में प्रवाहित बिजली का करंट लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई।
काफी रात बीतने के बाद भी सभापति घर नहीं लौटे तो परिवारीजनों नेे खोजबीन शुरु की। रात करीब 11 बजे उसका शव गन्ने के खेत के पास पड़ा मिला। घटना की खबर गांव में पहुंची तो सनसनी फैल गई। कुछ ही देर में मौके पर तमाम ग्रामीण एकत्र हो गए। बुजुर्ग की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
इस बीच सूचना पुलिस मिली तो कोतवाल मनोज पंत गांव पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक के परिवारीजनों ने टांडा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। कोतवाल मनोज पंत ने बताया कि तहरीर के आधार पर छानबीन की जा रही है।