पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से घटना में प्रयुक्त बाइक व असलहे समेत लगभग 14 हजार की नकदी भी बरामद की गई है। बताते चलें कि गत 12 जून को जलालपुर के फत्तेपुर मोहिबपुर में मजीदपुर निवासी राममिलन के पुत्र शोभाराम (28) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के वक्त वह अपने पिता राममिलन के साथ बैंक से 50 हजार रुपये निकालकर घर लौट रहा था। तभी बाइक सवार तीन बदमाशों ने रोका और असलहे के बल पर रकम लूट ली थी। वारदात के दौरान पहचान लिए जाने के कारण बदमाशों ने कुछ दूर जाने के बाद लौटकर शोभाराम को गोली मार दी थी।
इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में राममिलन ने जलालपुर थाने में अज्ञात के विरुद्घ लूट व हत्या का केस दर्ज कराया था। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में इस तरह आक्रोश था कि उन्होंने कई घंटे तक न सिर्फ मार्ग जाम किया, वरन् पुलिसकर्मियों को दौड़ा भी लिया था।
बाद में पुलिस अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया, तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा का सका था। घटना का खुलासा करने के लिए एसपी पंकज द्वारा लगातार गठित टीमों के प्रयास पर नजर रखी जा रही थी।
मंगलवार को एसपी पंकज ने जिला मुख्यालय पर बताया कि क्राइम ब्रांच निरीक्षक धनीराम वर्मा व जलालपुर थाना प्रभारी एनके पांडेय आदि ने मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना पर रफीगंज मंगुराडिला मार्ग पर घेराबंदी करके बाइक सवार तीनों बदमाश को हिरासत में ले लिया। उनकी पहचान पंथीपुर निवासी सुशील तिवारी, रुकुमपुर निवासी राकेश वर्मा व रेवई निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई।
तीनों के कब्जे से कुल 13 हजार 900 रुपये कैश, घटना में प्रयुक्त बाइक तथा आला कत्ल .315 बोर का तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में कबूला कि उन्होंने बैंक से ही पिता-पुत्र का पीछा किया था और लूट के दौरान पहचान लिए जाने पर शोभाराम की हत्या की थी।